अब मोबाइल बताएगा खेत में कितनी खाद डालें, रायसेन कृषि महोत्सव में किसानों को मिला बड़ा स्मार्ट तोहफा

Smart Farming: रायसेन के उन्नत कृषि महोत्सव में किसानों को नया मृदा/eFARM मोबाइल ऐप बड़ी सुविधा के रूप में मिला है. यह ऐप मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, सही खाद की मात्रा, लागत ट्रैकिंग और फसल निगरानी जैसी जानकारी आसान तरीके से देगा. इससे खेती वैज्ञानिक, कम खर्च वाली और ज्यादा मुनाफे वाली बन सकेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 12 Apr, 2026 | 11:17 AM

Raisen Agriculture Fair: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दशहरा मैदान में शुरू हुआ तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव पहले ही दिन किसानों के लिए सीख और नई उम्मीद का बड़ा मंच बन गया. सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान मेले में पहुंचे, जहां कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने उन्हें खेती के नए तरीके, कम लागत में ज्यादा उत्पादन और आधुनिक तकनीक से कमाई बढ़ाने के आसान उपाय समझाए. इस बार मेले की सबसे बड़ी चर्चा नया मृदा/eFARM मोबाइल ऐप रहा, जिसे किसानों के लिए एक डिजिटल साथी के रूप में पेश किया गया. ऐसे में अब किसान सिर्फ मोबाइल लेकर खेत में जाएंगे और तुरंत जान सकेंगे कि मिट्टी में क्या कमी है और कौन-सी खाद कितनी डालनी है.

मोबाइल बताएगा मिट्टी की सेहत और खाद की सही मात्रा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान  (Shivraj Singh Chouhan) ने किसानों को समझाया कि अब खेती पुराने अंदाज से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच और सही डेटा के साथ करनी होगी. उन्होंने कहा कि पहले अक्सर किसान दूसरे को देखकर खाद डाल देते थे, लेकिन अब यह ऐप मिट्टी की जरूरत के हिसाब से सही सलाह देगा. किसान खेत में मोबाइल ऐप की मदद से तुरंत यह जान पाएंगे कि मिट्टी में कौन-से पोषक तत्व कम हैं, कौन-सी फसल के लिए कौन-सी खाद जरूरी है और कितनी मात्रा में डालनी चाहिए. इससे खाद पर बेवजह खर्च कम होगा, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और उत्पादन बढ़ेगा. यह ऐप भोपाल के AR-IISS द्वारा मध्य प्रदेश के डेटा पर आधारित तैयार किया गया है, इसलिए इसकी सलाह स्थानीय खेती के लिए ज्यादा उपयोगी मानी जा रही है.

खेती का पूरा हिसाब-किताब अब मोबाइल में

नया eFARM ऐप  सिर्फ मिट्टी जांच तक सीमित नहीं है. इसमें फार्म मैनेजमेंट, लागत ट्रैकिंग, स्टॉक और मौसम अपडेट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. किसान इसमें बीज, खाद, दवा और मजदूरी पर होने वाले खर्च का रिकॉर्ड रख सकते हैं. इससे उन्हें सीजन के अंत में यह साफ पता चलेगा कि किस फसल में कितना खर्च हुआ और कितना फायदा मिला. GPS आधारित भूमि मापन फीचर से खेत का सही आकार भी आसानी से नापा जा सकेगा. इसके अलावा सैटेलाइट इमेज के जरिए फसल की सेहत पर नजर रखने की सुविधा भी इसे और खास बनाती है. ऐसे में ये ऐप खेती को अनुमान से निकालकर सही योजना पर लाने का काम करेगा.

महोत्सव का मकसद-कम जमीन से ज्यादा कमाई

इस कृषि महोत्सव  का सबसे बड़ा उद्देश्य किसानों को यह समझाना है कि कम जमीन में भी सही तकनीक से ज्यादा आमदनी संभव है. वैज्ञानिकों ने किसानों को अलग-अलग फसलों, मृदा परीक्षण, आधुनिक सिंचाई और फसल प्रबंधन के तरीके बताए. शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ मेले में घूमकर न जाएं, बल्कि हर सत्र में बैठकर सीखें और अपनी खेती की पद्धति में बदलाव करें. उन्होंने साफ कहा कि आज का किसान जितना तकनीक अपनाएगा, उतना ही कम लागत में ज्यादा उत्पादन और बेहतर मुनाफा कमा पाएगा.

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Published: 12 Apr, 2026 | 11:16 AM
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