Holi 2026 food safety: होली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में मिठाइयों की खुशबू फैलने लगती है. रसोई में गुजिया, मावा बर्फी, लड्डू और तरह-तरह के पकवान बनने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. इन सभी मिठाइयों की जान होता है खोया, जिसे मावा भी कहा जाता है. लेकिन जैसे-जैसे त्योहार करीब आता है, बाजार में मिलावटी खोये की भरमार भी बढ़ जाती है. यही वजह है कि मिठास के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही आपके परिवार की सेहत पर भारी पड़ सकती है.
आज जरूरत है कि हम सजग रहें और खोया खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच जरूर करें. थोड़ी सी समझदारी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.
त्योहारों में क्यों बढ़ जाती है मिलावट?
Fssai के अनुसार, होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर मावा की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है. असली दूध से तैयार शुद्ध खोया बनाने में समय और मेहनत दोनों लगते हैं. मांग पूरी करने के लिए कुछ लोग मिलावटी या नकली खोया तैयार कर बाजार में बेच देते हैं.
ऐसा नकली मावा अक्सर सिंथेटिक दूध, स्टार्च, मैदा, आलू का पेस्ट, वनस्पति घी या मिल्क पाउडर से बनाया जाता है. कई बार इसमें रंग और खुशबू मिलाकर इसे असली जैसा दिखाने की कोशिश की जाती है. देखने में यह बिल्कुल असली जैसा लगता है, लेकिन शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है.
मिलावटी खोया से क्या हो सकता है नुकसान?
डॉ अमृता प्रसाद के अनुसार, नकली मावा खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा तेजी से होता है. कुछ मामलों में मिलावट में इस्तेमाल रसायन लंबे समय तक शरीर में रहकर लीवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं.
त्योहार की खुशी अगर अस्पताल के चक्कर में बदल जाए, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा? इसलिए मिठाई बनाने से पहले यह जरूर जांच लें कि जो खोया आप घर ला रहे हैं, वह सुरक्षित है या नहीं.
असली और नकली खोया की पहचान कैसे करें?
Fssai के अनुसार, खोया खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग और बनावट पर ध्यान दें. शुद्ध मावा हल्का ऑफ-व्हाइट या क्रीम रंग का होता है. अगर खोया बहुत ज्यादा सफेद और चमकदार दिखे, तो शक करना जरूरी है.
थोड़ा सा खोया लेकर उसे हथेली पर रगड़कर देखें. असली खोया मुलायम और चिकना लगेगा और हल्की दूधिया खुशबू आएगी. अगर वह बहुत ज्यादा सख्त, चिपचिपा या बदबूदार लगे, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है.
आप एक आसान पानी वाला परीक्षण भी कर सकते हैं. थोड़ा सा खोया गुनगुने पानी में डालें और अच्छी तरह मिलाएं. शुद्ध खोया धीरे-धीरे घुलकर दूध जैसा मिश्रण बना देगा. अगर उसमें दाने अलग-अलग दिखें या पानी असामान्य रूप से ज्यादा सफेद हो जाए, तो उसमें स्टार्च या अन्य मिलावट हो सकती है.
अगर घर में आयोडीन टिंचर उपलब्ध हो, तो एक और सरल जांच की जा सकती है. खोया को थोड़ा गर्म पानी में घोलें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें. यदि मिश्रण का रंग नीला हो जाए, तो समझिए उसमें स्टार्च मिला हुआ है.
घर पर खोया बनाना है सबसे सुरक्षित तरीका
यदि संभव हो तो त्योहार के लिए घर पर ही खोया बनाएं. फुल क्रीम दूध को भारी तले वाले बर्तन में धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं. दूध धीरे-धीरे गाढ़ा होकर मावा बन जाएगा. इसमें समय जरूर लगता है, लेकिन इससे शुद्धता की पूरी गारंटी मिलती है.
घर का बना खोया न केवल स्वाद में बेहतर होता है, बल्कि सेहत के लिए भी सुरक्षित रहता है. इससे बनी गुजिया और मिठाइयों में अलग ही खुशबू और स्वाद आता है.
खरीदते समय रखें ये बातें ध्यान में
खोया हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें. बहुत सस्ता मिलने वाला मावा अक्सर मिलावटी हो सकता है. पैक्ड उत्पाद लेते समय उसकी एक्सपायरी डेट और ब्रांड जरूर जांचें.
त्योहार खुशियों और अपनापन बांटने का मौका होता है. ऐसे में सेहत से समझौता करना बिल्कुल भी सही नहीं है. इस होली जब भी खोया खरीदें, एक मिनट निकालकर उसकी जांच जरूर करें. थोड़ी सी सावधानी आपके परिवार को बड़ी परेशानी से बचा सकती है और त्योहार की मिठास को बरकरार रख सकती है.