Kharif Crops: धान छोड़ इन फसलों की करें खेती, MSP सुनकर चौंक जाएंगे किसान

खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसानों के सामने फसल चुनने का बड़ा मौका है. कृषि विभाग ने ऐसी फसलों की जानकारी दी है जो कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक कमाई का अवसर दे सकती हैं. इन फसलों का समर्थन मूल्य भी आकर्षक है, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 18 Jun, 2026 | 06:22 PM

Kharif Crops: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस समय किसानों के लिए सही फसल का चुनाव करना बेहद जरूरी माना जा रहा है. लंबे समय से धान किसानों की प्रमुख फसल रही है, लेकिन बढ़ती लागत और सीमित मुनाफे के कारण अब कई किसान दूसरी फसलों की ओर ध्यान दे रहे हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश कृषि विभाग किसानों को धान के साथ-साथ अधिक लाभ देने वाली नकदी और तिलहनी फसलों की खेती अपनाने की सलाह दे रहा है.

जून में इन फसलों की बुवाई से मिल सकता है अच्छा फायदा

मध्य प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार, जून का महीना खरीफ फसलों की बुवाई  के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है. इस दौरान मानसून की बारिश शुरू हो जाती है और खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध रहती है. इससे बीजों का अंकुरण बेहतर होता है और फसल की बढ़वार भी अच्छी होती है. विभाग ने किसानों को तिल, मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसी फसलों की बुवाई करने की सलाह दी है. ये फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं और बाजार में इनकी अच्छी मांग बनी रहती है. साथ ही इन फसलों से किसानों को धान की तुलना में बेहतर लाभ मिलने की संभावना भी रहती है.

धान से कई गुना ज्यादा MSP दे रही हैं ये फसलें

मध्य प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार, कई नकदी और तिलहनी फसलों  का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) धान की तुलना में काफी अधिक है. वर्तमान में धान का MSP 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है. वहीं तिल का MSP 9267 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मूंग का MSP 8768 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. इसके अलावा सोयाबीन का MSP 5328 रुपये प्रति क्विंटल है. MSP के इन आंकड़ों को देखते हुए तिल और मूंग जैसी फसलें किसानों के लिए अधिक कमाई का विकल्प बन सकती हैं.

कम लागत में तैयार होती है तिल की फसल

कृषि विभाग का कहना है कि जून में तिल की बुवाई किसानों  के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. तिल एक प्रमुख तिलहन फसल है जिसकी देश और विदेश दोनों बाजारों में अच्छी मांग बनी रहती है. ये फसल अपेक्षाकृत कम लागत में तैयार हो जाती है और कम समय में अच्छा उत्पादन देती है. वहीं मूंग और सोयाबीन भी ऐसी नकदी फसलें हैं जिनकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. इन फसलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती है.

बुवाई से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बुवाई शुरू करने से पहले खेत की अच्छी तरह तैयारी करें. हमेशा प्रमाणित और उन्नत किस्म के बीजों  का उपयोग करें तथा बीज उपचार के बाद ही बुवाई करें. इसके साथ ही खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि अधिक बारिश होने पर फसल को नुकसान न हो. किसानों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर भी नजर रखनी चाहिए. कृषि विभाग का मानना है कि खरीफ सीजन की शुरुआत में लिया गया सही फैसला किसानों की आय बढ़ाने और बेहतर उत्पादन हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

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Published: 18 Jun, 2026 | 06:22 PM

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