Maharashtra Farmers: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के हित में कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं. राज्य में फसल ऋण को लेकर सबसे बड़ा बदलाव किया गया है, जिसमें अब सिबिल स्कोर को आधार नहीं बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को राहत देते हुए कर्जमाफी जल्द लागू करने का भरोसा दिया है. मौसम की अनिश्चितता और कमजोर मानसून की आशंका के बीच किसानों के लिए कई नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं. सरकार का दावा है कि इन कदमों से खेती को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में सुधार होगा.
फसल ऋण में सिबिल स्कोर की बाधा खत्म, किसानों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि अब फसल ऋण देने के लिए सिबिल स्कोर की शर्त लागू नहीं होगी. उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को केवल सिबिल स्कोर की वजह से परेशान नहीं किया जाएगा. बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य के हर किसान को बिना रुकावट फसल ऋण उपलब्ध कराया जाए. इस फैसले से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, क्योंकि अक्सर उन्हें क्रेडिट स्कोर की वजह से बैंक से परेशानी होती थी.
कर्जमाफी की प्रक्रिया तेज, किसानों में उम्मीद की लहर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि किसानों की कर्जमाफी को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है. प्रशासनिक स्तर पर जिलों का डेटा जुटाने का काम चल रहा है और जैसे ही यह पूरा होगा, योजना लागू कर दी जाएगी. उन्होंने भरोसा दिया है कि कर्जमाफी जल्द लागू होगी. इस घोषणा से राज्य के किसानों में उम्मीद बढ़ी है कि उन्हें पुराने कर्ज से राहत मिलेगी और वे नई शुरुआत कर सकेंगे. सरकार का कहना है कि यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा.
कमजोर मानसून की आशंका, कृषि क्षेत्र में सतर्कता
महाराष्ट्र में इस बार मानसून को लेकर चिंता जताई गई है. अनुमान के अनुसार बारिश सामान्य से कम रह सकती है और कुछ क्षेत्रों में बारिश का वितरण भी असमान हो सकता है. इससे पश्चिम विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के कई हिस्सों में फसलों पर दबाव बढ़ने की आशंका है. सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है. सरकार ने किसानों को सतर्क रहने और वैकल्पिक फसल योजना अपनाने की सलाह दी है.
डिजिटल खेती, बीज और भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव
कृषि को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई डिजिटल पहल शुरू की हैं. उन्होंने महाविस्तार 2.0 ऐप लॉन्च किया है, जो किसानों को फसल पैटर्न, कीट नियंत्रण और मौसम की जानकारी स्थानीय भाषा में देगा. किसान क्रॉपसैप प्लेटफॉर्म पर अपनी फसल की तस्वीर अपलोड कर स्थिति जान सकते हैं. इसके अलावा डिजिटल फसल सर्वे प्रणाली शुरू की गई है, जिससे फसल बीमा और भुगतान में पारदर्शिता आएगी. सरकार ने यह भी बताया कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित प्रणाली से किसानों को योजनाओं की राशि सीधे डिजिटल वॉलेट में मिलेगी.