8 लाख किसानों को मिली सौर ऊर्जा से सिंचाई की सुविधा, महाराष्ट्र सरकार बढ़ाएगी योजना का दायरा- CM देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य की सोलर एग्री-फीडर योजना से अब तक करीब 8 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं. इस योजना के तहत किसानों को दिन के समय सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सिंचाई का काम आसान हो गया है.
Maharashtra solar agri feeder scheme: महाराष्ट्र में खेती के लिए बिजली की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है. कई इलाकों में किसानों को रात के समय बिजली मिलती थी, जिससे सिंचाई करना मुश्किल और जोखिम भरा हो जाता था. इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा आधारित योजना शुरू की, जिसका अब बड़ा फायदा किसानों को मिल रहा है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य की सोलर एग्री-फीडर योजना से अब तक करीब 8 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं. इस योजना के तहत किसानों को दिन के समय सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सिंचाई का काम आसान हो गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाए ताकि खेती का काम सुचारू रूप से हो सके.
सौर ऊर्जा से बनेगा 4000 मेगावाट का ढांचा
सरकार द्वारा चल रही मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 के तहत अब तक लगभग 4000 मेगावाट क्षमता का काम पूरा किया जा चुका है. इसके जरिए कई ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है.
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार अब इस योजना को और बड़ा बनाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत आने वाले समय में 10,000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना बनाई गई है. इससे राज्य के अधिकतर किसानों को दिन के समय बिजली मिल सकेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती रही तो अगले साल तक महाराष्ट्र के लगभग 75 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी.
सौर पंप योजना को भी मिल रहा अच्छा समर्थन
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी बताया कि किसानों के बीच मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना को भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने एक महिला किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि वह अपने खेत की सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर रही हैं. दिन में उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को बैटरी और कैपेसिटर में स्टोर किया जाता है, जिसका उपयोग रात में घर की बिजली जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है. इससे किसानों को न केवल सिंचाई में मदद मिल रही है बल्कि बिजली बिल का खर्च भी कम हो रहा है.
किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि किसानों को दिन में कम से कम 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए. फिलहाल कई जगहों पर किसानों को औसतन करीब 8 घंटे बिजली ही मिल पाती है. सौर ऊर्जा आधारित इस योजना के जरिए बिजली की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है और किसानों को रात में सिंचाई करने की मजबूरी से भी राहत मिल सकती है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिली पहचान
महाराष्ट्र की इस सौर ऊर्जा योजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है. इंटरनेशनल सोलर एलायंस ने इसे एक प्रमुख पहल के रूप में पहचान दी है. इसके अलावा इस परियोजना को अब तक 7 से 8 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने भी अन्य राज्यों को इस मॉडल को अपनाने की सलाह दी है ताकि देश के दूसरे हिस्सों में भी किसानों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई जा सके.
भविष्य में बैटरी स्टोरेज पर होगा फोकस
सरकार योजना के अगले चरण में बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर भी काम करने की तैयारी कर रही है. इससे दिन में बनने वाली सौर ऊर्जा को स्टोर किया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर रात में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सौर ऊर्जा का उपयोग इस तरह बढ़ता है तो खेती की लागत कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और बिजली उत्पादन में भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.