कृषि मंत्रालय का निर्देश- फसल नुकसान का सर्वे करेंगे तीन विभाग, फार्मर आईडी रोकेगी खाद की ब्लैक मार्केटिंग

Fertilizer Black Marketing : केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सब्सिडी वाला खाद कई बार दूसरे उद्योगों या गैर कृषि उपयोग में डायवर्ट हो जाता है. इसे रोकने के लिए फार्मर आईडी आधारित मॉडल विकसित किया जा रहा है. फार्मर आईडी के आधार पर यह तय होगा कि कितनी जमीन और कौन सी फसल के लिए कितना खाद पर्याप्त है, ताकि किसान को कमी न हो और अतिरिक्त उठान को रोका जा सके.

शैलेश चतुर्वेदी
नोएडा | Updated On: 12 Apr, 2026 | 03:47 PM

बेमौसम बारिश से फसलों को हुए भीषण नुकसान के बाद किसानों को मुआवजा राशि जारी करने में हो रही देरी पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे कराने के लिए राज्य के 3 विभागों को निर्देशित किया गया है, ताकि सर्वे प्रक्रिया जल्दी हो सके और रिपोर्ट बनने में तेजी आए, ताकि किसानों को मुआवजा देने में देरी न हो. भोपाल में मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को खरीफ सीजन के लिए खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. केंद्र सरकार ने सब्सिडी को मंजूरी दे दी है.

तीन विभाग कर रहे फसल नुकसान का सर्वे

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि असामान्य मौसम और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने सभी राज्य सरकारों से तुरंत नुकसान का आकलन करने को कहा है. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट समय पर और वैज्ञानिक तरीके से हों, राजस्व, कृषि और पंचायत, ग्रामीण विकास – तीन विभाग संयुक्त सर्वे करें, नुकसान की सूची गांव-गांव के पंचायत भवनों पर चस्पा की जाए, ताकि किसान आपत्ति या सुधार के लिए आवेदन दे सकें.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पूरी टीम सक्रिय है, लेकिन मौसम की मार विभिन्न चरणों में पड़ने और आंकड़े लगातार अपडेट होने के कारण अभी अंतिम कुल नुकसान बताना संभव नहीं है. फिर भी उन्होंने आश्वस्त किया कि किसान को हरसंभव राहत और बीमा लाभ दिलाने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी.

9.29 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बनी

अब तक 9 करोड़ 29 लाख से अधिक फार्मर आईडी बन चुकी हैं और लक्ष्य है कि इसे लगभग 13 करोड़ किसानों तक विस्तारित किया जाए. जहां बटाई या पट्टे पर खेती की परंपरा है, वहां भूमि मालिक के लिखित प्रमाण के आधार पर बटाईदार किसान को भी खाद उपलब्ध कराने का मॉडल मध्य प्रदेश और हरियाणा में सफल रहा है, जिसे और परिष्कृत कर देशभर में लागू करने पर काम हो रहा है.

फार्मर आईडी खाद वितरण होगा, ब्लैक मार्केटिंग रुकेगी

उन्होंने कहा कि सब्सिडी वाला खाद कई बार दूसरे उद्योगों या गैर कृषि उपयोग में डायवर्ट हो जाता है. इसे रोकने के लिए फार्मर आईडी आधारित मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत हर किसान की जमीन, फसल और परिवार का डेटा एक एकीकृत आईडी से जुड़ा होगा. फार्मर आईडी के आधार पर यह तय होगा कि कितनी जमीन और कौन सी फसल के लिए कितना खाद पर्याप्त है, ताकि किसान को कमी न हो, पर अतिरिक्त उठाव, जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगे.

वैश्विक संकट, एक्सपोर्ट और भारतीय किसान की सुरक्षा

पश्चिम एशिया के संकट और वैश्विक हालात से कृषि निर्यात और फर्टिलाइजर आपूर्ति पर असर को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि निरंतर उच्च स्तरीय बैठकें हो रही हैं. उन्होंने माना कि कई अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का प्रभाव एक्सपोर्ट पर पड़ता है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता यह है कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले, फर्टिलाइज़र की उपलब्धता बनी रहे और किसान पर वैश्विक संकट का बोझ न्यूनतम रहे.

1300 रुपये में मिलेगी डीएपी की बोरी

फर्टिलाइज़र व्यवस्था पर श्री चौहान ने कहा कि कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकार ने फैसला किया है कि यूरिया की बोरी 266 रुपये और डीएपी की बोरी 1350 रुपये में ही किसानों को मिलेगी. इसके लिए हाल ही में कैबिनेट ने 41,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की है, ताकि बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ सरकार उठाए और किसान पर भार न पड़े.

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Published: 12 Apr, 2026 | 03:44 PM

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