Kisan Credit Card MP: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की कमाई और खेती को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाने का रोडमैप सामने रखा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसान के साथ खेत से लेकर बाजार और निर्यात तक खड़ी है. खेती को आसान बनाने के साथ किसानों को बेहतर सिंचाई, बिजली, सस्ता कर्ज और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य खेती को सिर्फ फसल उगाने तक सीमित रखने के बजाय इसे एग्री-टेक, एग्री-बिजनेस और फूड प्रोसेसिंग से जोड़ना है.
अगले ढाई साल में सिंचाई का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्य प्रदेश में सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हो चुका है. अब सरकार अगले ढाई साल में इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. बिजली को लेकर भी किसानों के लिए राहत की तैयारी है. सरकार का कहना है कि सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. इससे किसानों को रात में सिंचाई करने की परेशानी कम हो सकती है.
अब घर बैठे बनवा सकेंगे किसान क्रेडिट कार्ड
किसानों के लिए ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पोर्टल शुरू किया गया है. इसके जरिए किसान घर बैठे KCC के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके साथ ही शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की व्यवस्था को भी आसान बनाया गया है. अब किसानों के लिए खरीफ और रबी के कर्ज की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता खत्म करने की बात कही गई है. किसान 12 महीने के भीतर अपनी सुविधा के हिसाब से कर्ज चुका सकेंगे.
‘कृषक कवच’ से ज्यादा किसानों को जोड़ने की कोशिश
सरकार ने ‘कृषक कवच’ योजना भी शुरू की है. इसका उद्देश्य ऐसे किसानों को भी ऋण और सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, जो खातों की जांच लंबित होने जैसी वजहों से अब तक इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे. सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांवों में 200 नए पैक्स कार्यालय भी शुरू किए गए हैं. इसके अलावा ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा की शुरुआत की गई है.
खेती के साथ प्रोसेसिंग और बाजार पर भी जोर
सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी, प्राकृतिक और जैविक खेती, मत्स्य पालन, पशुपालन और नई फसलों की ओर बढ़ाने पर जोर दे रही है. सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है. उपज की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के बाद उसे सीधे बाजार तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है. मुख्यमंत्री ने किसानों से पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल करने और फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की है. साथ ही युवाओं को कृषि से जुड़े कारोबार और उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है.
दूध उत्पादन बढ़ाने की भी तैयारी
मध्य प्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है. इसके लिए हर ब्लॉक में एक ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित करने की योजना है. चारा अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है. इसके अलावा नई गौपालन योजना के तहत 40 लाख रुपये तक के ऋण पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान देने की व्यवस्था बताई गई है. इससे पशुपालन को एक कमाई के साधन के तौर पर बढ़ावा देने की कोशिश है.
किसानों के लिए बनेगी डिजिटल पहचान
किसानों से ‘फार्मर ID’ बनवाने की अपील भी की गई है. इसके जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेना, समर्थन मूल्य का भुगतान और सब्सिडी पर खाद-बीज जैसी सुविधाएं आसान बनाने का लक्ष्य है. सरकार खेती में डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही मध्य प्रदेश की समृद्धि है. सरकार का फोकस खेती की लागत कम करने, सिंचाई बढ़ाने, बिजली उपलब्ध कराने, सस्ता कर्ज देने, तकनीक अपनाने, फूड प्रोसेसिंग और बाजार तक पहुंच मजबूत करने पर है.