सड़क पर घूमते पशु खा रहे प्लास्टिक…बढ़ रहा मौत का खतरा, सरकार ने लोगों को किया सतर्क

बिहार में पशुओं के लिए प्लास्टिक और पॉलीथीन बड़ा खतरा बनती जा रही है. कचरे में खाना ढूंढते समय पशु इसे निगल लेते हैं, जिससे उनकी सेहत खराब होती है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि कचरा खुले में न फेंकें और प्लास्टिक का उपयोग कम करें, ताकि पशुओं की जान बचाई जा सके.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 2 Apr, 2026 | 05:11 PM

Polythene Dangerous For Animals: सड़क किनारे घूमते गाय-भैंस अक्सर कचरे के ढेर में कुछ खाने की तलाश करते नजर आते हैं. लेकिन यही तलाश कई बार उनकी जान पर भारी पड़ जाती है. बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और पशुपालन निदेशालय बिहार ने चेतावनी जारी की है कि प्लास्टिक और पॉलीथीन पशुओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है. यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है और पशुओं के स्वास्थ्य पर बड़ा असर डाल रही है.

कचरे में खाना ढूंढते-ढूंढते निगल जाते हैं प्लास्टिक

गांव हो या शहर, अक्सर पशु खुले में घूमते  रहते हैं और कचरे के ढेर से अपना भोजन ढूंढते हैं. इस दौरान वे खाने और न खाने वाली चीजों में फर्क नहीं कर पाते. पॉलीथीन में लिपटा बचा हुआ खाना या सड़ी-गली चीजें उन्हें आकर्षित करती हैं, लेकिन खाते समय वे प्लास्टिक भी साथ में निगल जाते हैं. यही प्लास्टिक धीरे-धीरे उनके पेट में जमा होने लगती है और बड़ी समस्या बन जाती है.

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कचरे में प्लास्टिक से पशु बीमार, सरकार ने चेताया.

पेट में जमा होकर बनती है जानलेवा समस्या

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, पशुओं के पेट  में प्लास्टिक पचती नहीं है. यह धीरे-धीरे इकट्ठा होती जाती है और एक समय के बाद पेट में बड़ी गांठ बन जाती है. इससे पशु खाना ठीक से नहीं खा पाते, उनका पाचन तंत्र खराब हो जाता है और वे कमजोर होने लगते हैं. कई मामलों में यह समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि पशु की मौत तक हो जाती है. यही कारण है कि विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने पर जोर दे रहा है, ताकि इस खतरे को समय रहते रोका जा सके.

दूध उत्पादन और सेहत पर पड़ता है असर

प्लास्टिक खाने से सिर्फ पशु की जान को ही खतरा  नहीं होता, बल्कि इसका असर दूध उत्पादन पर भी पड़ता है. जब पशु बीमार होते हैं, तो उनका दूध कम हो जाता है और उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होती है. इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. बिहार में बड़ी संख्या में लोग डेयरी पर निर्भर हैं, ऐसे में यह समस्या सीधे उनकी आमदनी से जुड़ी हुई है. इसलिए सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और लगातार लोगों को सतर्क कर रही है.

प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें

पशुपालन निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि वे प्लास्टिक और पॉलीथीन  का इस्तेमाल कम करें और कचरे को खुले में न फेंकें. अगर कचरे का सही तरीके से निपटान किया जाए, तो पशुओं को इस खतरे से बचाया जा सकता है. साथ ही, पशुपालकों को भी अपने पशुओं का खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है, ताकि वे कचरे में खाने न जाएं. सरकार का मानना है कि अगर हर व्यक्ति थोड़ी जिम्मेदारी निभाए, तो इस बड़ी समस्या को आसानी से कम किया जा सकता है. फिलहाल, यह जागरूकता ही पशुओं की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा उपाय है.

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Published: 2 Apr, 2026 | 03:10 PM
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