मुंबई में आलू-प्याज के बढ़ सकते हैं रेट, 50 किलो से ज्यादा वजनी बोरी उठाने से मजदूरों का इंकार

20 फरवरी को यूनियन महासचिव नरेंद्र अन्नासाहेब पाटिल ने प्याज-आलू थोक व्यापारियों  के संघ को एक औपचारिक पत्र भेजा, जिसकी प्रतियां APMC प्रशासन और बाजार की अन्य संस्थाओं को भी दी गईं. पत्र में उन्होंने चेतावनी दी कि कई बैठकों और लिखित सूचना के बावजूद बाजार में अब भी 60 से 70 किलो तक की बोरियां लाई जा रही हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 2 Mar, 2026 | 02:11 PM

Maharashtra News: नवी मुंबई के तुर्भे स्थित कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के प्याज-आलू थोक बाजार में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिससे मुंबई महानगर क्षेत्र में सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है. महाराष्ट्र राज्य माथाडी, ट्रांसपोर्ट और जनरल कामगार यूनियन ने चेतावनी दी है कि मार्च से मजदूर 50 किलो से ज्यादा वजन की कोई भी बोरी नहीं उतारेंगे. अगर इस सीमा का उल्लंघन हुआ तो वे काम बंद कर देंगे. वहीं, एक्सपर्ट का कहना है कि अगर बोरी उठाने से इनकार कर देते हैं, तो कृषि उपज मंडी समिति काम प्रभावित होगा. इससे प्याज और आलू की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, अभी आलू और प्याज का रेट काफी कम है. ऐसे में किसानों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

इस हफ्ते माथाडी मजदूरों और मुकादमों की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव नरेंद्र अन्नासाहेब पाटिल ने कहा कि इस फैसले को सभी मुकादमों और पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से समर्थन मिला है. उन्होंने इसे ‘पत्थर की लकीर’ बताया, यानी यह निर्णय पूरी तरह अंतिम और अटल है. उनके इस बयान पर मौजूद मजदूरों ने तालियां बजाकर समर्थन जताया.

बाजार में अब भी 60 से 70 किलो तक की बोरियां लाई जा रही हैं

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 फरवरी को यूनियन महासचिव नरेंद्र अन्नासाहेब पाटिल ने प्याज-आलू थोक व्यापारियों  के संघ को एक औपचारिक पत्र भेजा, जिसकी प्रतियां APMC प्रशासन और बाजार की अन्य संस्थाओं को भी दी गईं. पत्र में उन्होंने चेतावनी दी कि कई बैठकों और लिखित सूचना के बावजूद बाजार में अब भी 60 से 70 किलो तक की बोरियां लाई जा रही हैं. यूनियन ने कहा कि मजदूरों से इतना ज्यादा वजन उठवाना सरकारी नियमों का उल्लंघन है और इससे उनके घुटनों व रीढ़ की हड्डी पर गंभीर और लंबे समय तक असर पड़ सकता है.

क्या कहता है 1969 का कानून

यह 50 किलो की सीमा महाराष्ट्र माथाडी, हमाल और अन्य मैनुअल वर्कर्स (रोजगार एवं कल्याण विनियमन) अधिनियम, 1969 के तहत कानूनी आधार रखती है. साथ ही, कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020 से भी जुड़े हैं. इससे पहले 2021 की शुरुआत में भी माथाडी मजदूरों ने इसी मुद्दे पर आंदोलन किया था और प्याज-आलू मंडी का कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था. हालिया पत्र के बाद APMC प्रशासन ने व्यापारियों को लिखित निर्देश जारी कर 50 किलो की सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है और चेतावनी दी है कि उल्लंघन की जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी या कमीशन एजेंट की होगी.

व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे सिद्धांत रूप से 50 किलो की सीमा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि यह नियम सभी मंडियों में एक समान तरीके से लागू होना चाहिए. उनका कहना है कि अगर सिर्फ नवी मुंबई में ही सख्ती की गई और अन्य APMC में भारी बोरियां स्वीकार की जाती रहीं, तो इससे प्रतिस्पर्धा और व्यापार की आवाजाही पर असर पड़ेगा.

चांदवड़ एपीएमसी मंडी में लाल प्याज का रेट

Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक, 26 फरवरी को महाराष्ट्र के नासिक जिले की चांदवड़ एपीएमसी मंडी  में लाल प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया. न्यूनतम भाव 165 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,225 रुपये प्रति क्विंटल और औसत भाव 830 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. वहीं, 25 फरवरी को चांदवड़ एपीएमसी मंडी में लाल प्याज का दाम और कम था. इस दिन न्यूनतम कीमत 100 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,275 रुपये प्रति क्विंटल और औसत भाव 830 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था.

कुरनूल मंडी में प्याज की लेटेस्ट कीमत

वहीं, 28 फरवरी को आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित eNAM मंडी में प्याज की कीमतें  700 रुपये क्विंटल से भी कम दर्ज की गईं. यहां प्याज का न्यूनतम भाव 637 रुपये, अधिकतम भाव 1,039 रुपये और औसत भाव 675 रुपये प्रति क्विंटल रहा. जबकि, तेलंगाना के सदाशिवपेट स्थित eNAM मंडी में प्याज के दाम दर्ज किए गए. यहां प्याज का न्यूनतम भाव 336 रुपये, औसत भाव 1,019 रुपये और अधिकतम भाव 1,089 रुपये प्रति क्विंटल रहा.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 2 Mar, 2026 | 02:06 PM

तोरई की अच्छी पैदावार के लिए क्या जरूरी है?

लेटेस्ट न्यूज़