Onion Price Hike 2026: प्याज की कीमतों को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है, लेकिन इस बार सरकार का एक फैसला सीधे किसानों की कमाई से जुड़ा है. केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज खरीदने का मूल्य बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. सरकार का दावा है कि, इस फैसले का उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम दिलाना और बाजार में प्याज की कीमतों को संतुलित बनाए रखना है.
सरकार ने कितना बढ़ाया खरीद मूल्य?
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया. नई व्यवस्था के तहत सरकार अब किसानों से प्याज 1,650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी. इससे पहले यह कीमत 1,580 रुपये प्रति क्विंटल थी. सरकार का कहना है कि अब खरीद मूल्य तय करने की प्रक्रिया को ज्यादा लचीला बनाया गया है. यानी बाजार की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर कीमतों में बदलाव किया जा सकेगा. इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है.
बफर स्टॉक क्यों बनाती है सरकार?
सरकार हर साल प्याज का बफर स्टॉक तैयार करती है. इसका मतलब है कि एक निश्चित मात्रा में प्याज खरीदकर सुरक्षित रखा जाता है. जब बाजार में प्याज की कीमतें अचानक बढ़ने लगती हैं या आपूर्ति कम हो जाती है, तब सरकार इस स्टॉक को बाजार में उतारकर कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश करती है. इस व्यवस्था का फायदा उपभोक्ताओं और किसानों दोनों को मिलता है. एक तरफ कीमतों में अत्यधिक बढ़ोतरी पर रोक लगती है, वहीं दूसरी तरफ किसानों को अपनी उपज बेचने का एक अतिरिक्त विकल्प मिलता है.
Chaired a meeting yesterday with officials from DoCA to strengthen onion procurement and ensure better returns for our farmers.
Based on prevailing mandi prices and quality requirements for storage-grade onions, the Minimum Assured Procurement Price (MAPP) has been revised to… pic.twitter.com/BWAIB1kAyt
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) June 12, 2026
इस साल कितना प्याज खरीदेगी सरकार?
सरकार ने साल 2026-27 के लिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य तय किया है. यह खरीद बफर स्टॉक तैयार करने के लिए की जाएगी. हालांकि पिछले साल सरकार ने 3 लाख टन प्याज खरीदा था, यानी इस बार खरीद का लक्ष्य थोड़ा कम रखा गया है. बफर स्टॉक की मात्रा और बाजार में उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. आने वाले महीनों में यदि जरूरत पड़ी तो खरीद की मात्रा बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है.
बाजार पर क्या पड़ सकता है असर?
सरकारी खरीद मूल्य बढ़ने से बाजार को सकारात्मक संकेत मिलेगा. इससे व्यापारियों और किसानों के बीच भी बेहतर भाव मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है. अगर बाजार में मांग अच्छी रहती है तो किसानों को खुले बाजार में भी बेहतर कीमत मिलने की संभावना है. हालांकि किसानों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब बाजार भाव और सरकारी खरीद दर दोनों उनकी उत्पादन लागत के अनुरूप बढ़ें.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2025-26 में देश का प्याज उत्पादन लगभग 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है. पिछले साल यह आंकड़ा 307.67 लाख टन था. यानी उत्पादन में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और यह लगभग स्थिर बना हुआ है.
आगे क्या उम्मीद?
प्याज किसानों की नजर अब आने वाले महीनों में बाजार की स्थिति पर रहेगी. यदि मांग बढ़ती है और बाजार में अच्छे भाव मिलते हैं, तो किसानों की आय में सुधार हो सकता है. वहीं सरकार का मानना है कि बढ़ा हुआ खरीद मूल्य और बफर स्टॉक नीति बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगी. हालांकि किसानों की मांग और लागत को देखते हुए भविष्य में खरीद मूल्य पर फिर से विचार किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता.