किसानों के लिए बड़ी सौगात, प्राकृतिक खेती और मधुमक्खी पालन पर सरकार खर्च करेगी 3379 करोड़ रुपये

PM-RKVY योजना के तहत किसानों के लिए 3379 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं को मंजूरी दी गई है. इससे प्राकृतिक खेती, सिंचाई, मधुमक्खी पालन और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा. सरकार का उद्देश्य किसानों की लागत कम करना और उनकी आय बढ़ाना है, जिससे खेती अधिक लाभकारी और मजबूत बन सके.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 7 May, 2026 | 10:33 AM

Pradhaanamantree-Raashtreey Krshi Vikaas Yojana: देश में खेती को आधुनिक और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 3379 करोड़ रुपये से ज्यादा की कार्ययोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इस फैसले से किसानों को प्राकृतिक खेती, सिंचाई, मधुमक्खी पालन, मखाना खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का फायदा मिलेगा. मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय मजबूत करना है. आने वाले समय में इससे कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

प्राकृतिक खेती और नई तकनीकों पर जोर

बैठक में प्राकृतिक खेती  को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया. ऐसे में सरकार चाहती है कि किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का कम इस्तेमाल करें और जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें. इसके साथ ही आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की भी बात कही गई. अधिकारियों ने कहा कि नई तकनीकों से खेती आसान होगी, लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा. सरकार मखाना खेती और मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा देने जा रही है. मधुमक्खी पालन से किसानों को शहद उत्पादन के जरिए अतिरिक्त कमाई का मौका मिलेगा. वहीं मखाना की खेती को भी आय बढ़ाने वाली फसल के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों को अपनाएं तो उनकी कमाई में बड़ा सुधार हो सकता है.

सिंचाई और कृषि सुविधाओं का होगा विस्तार

PM-RKVY योजना  के तहत सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर भी फोकस किया गया है. कई क्षेत्रों में किसानों को पानी की कमी के कारण खेती में परेशानी होती है. अब सरकार सिंचाई के विस्तार पर काम करेगी ताकि किसानों को समय पर पानी मिल सके. इसके अलावा कृषि कल्याण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी और सुविधाएं मिलेंगी. पैक्स स्तर पर गोदाम निर्माण का काम भी तेजी से किया जाएगा ताकि किसानों को फसल भंडारण में परेशानी न हो. सरकार ने कृषि विश्वविद्यालयों से जुड़े विकास कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं. इससे किसानों को नई रिसर्च और आधुनिक खेती की जानकारी आसानी से मिल सकेगी.

वैकल्पिक फसलों और रोग प्रतिरोधी किस्मों को बढ़ावा

सरकार किसानों को धान जैसी पारंपरिक फसलों के साथ दूसरी लाभकारी फसलों की खेती के लिए भी प्रेरित कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि वैकल्पिक फसलें अपनाने से किसानों की आय बढ़ सकती है और पानी की बचत भी होगी. गन्ना विभाग  को रेडराट रोग प्रतिरोधी प्रजातियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों की फसल बीमारियों से सुरक्षित रह सके. इसके अलावा रेशम उत्पादन को बढ़ाने के लिए चाकी रियरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि खेती में विविधता लाने से किसानों को नुकसान का जोखिम कम होता है और कमाई के नए रास्ते खुलते हैं.

क्या है प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना

प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना यानी PM-RKVY कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय  की एक बड़ी योजना है. इसकी शुरुआत साल 2007 में की गई थी. योजना का मुख्य उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है. इस योजना के तहत राज्यों को अपनी जरूरत के हिसाब से कृषि योजनाएं तैयार करने की छूट दी जाती है. योजना में फसल उत्पादन बढ़ाने, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, नई तकनीकों को बढ़ावा देने और कृषि ढांचे को मजबूत करने पर काम किया जाता है. योजना के तहत किसान कृषि यंत्र खरीदने पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और मार्केटिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. सरकार का मानना है कि PM-RKVY के जरिए खेती को ज्यादा आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है. आने वाले समय में इससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

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