सादाबाद के आलू ने बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान, पहली बार 41,840 पैकेट रूस भेजे गए.. किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

उत्तर प्रदेश के सादाबाद में उगाए गए आलू ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रख दिया है. हाल ही में 41,840 पैकेट आलू रूस के लिए भेजे गए. खास बात यह है कि इस आलू की खास किस्म अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता जांच में सफल रही. कृषि विभाग के अनुसार इससे किसानों को फसल का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 16 Mar, 2026 | 05:30 PM

Potato Export India: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. राज्य के सादाबाद इलाके में उगाया गया आलू अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है. हाल ही में यहां से आलू की पहली बड़ी खेप रूस के लिए रवाना की गई है. खास बात यह है कि यह आलू अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा है. कृषि विभाग के अनुसार इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है और खेती से होने वाली आय भी बढ़ सकती है.

सादाबाद का आलू बना अंतरराष्ट्रीय बाजार की पसंद

उत्तर प्रदेश के कई इलाके आलू की खेती  के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अब सादाबाद का आलू खास पहचान बना रहा है. यहां उगाए गए आलू की गुणवत्ता इतनी अच्छी पाई गई कि उसे विदेशों में भेजने का रास्ता खुल गया. कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार इस आलू को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है. इसी वजह से विदेशी बाजारों में भी इसकी मांग बढ़ने लगी है. यह किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

रूस के लिए आलू की पहली खेप रवाना

हाल ही में सादाबाद से आलू की पहली बड़ी खेप रूस के लिए भेजी गई है. इस खेप में कुल 41,840 पैकेट आलू भेजे गए हैं. इन पैकेटों को सुरक्षित  तरीके से भेजने के लिए 10 आधुनिक रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों का इस्तेमाल किया गया है. इन कंटेनरों में तापमान नियंत्रित रखा जाता है, जिससे लंबी दूरी तक भी आलू ताजा और सुरक्षित रहता है. यह खेप समुद्री मार्ग के जरिए विदेश तक पहुंचेगी.

अंतरराष्ट्रीय जांच में पास हुई खास किस्म

विदेश भेजे गए आलू में 3797 किस्म का इस्तेमाल किया गया है. इस किस्म के आलू को अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में जांच के बाद मंजूरी मिली है. जांच में यह पाया गया कि इस आलू की गुणवत्ता, आकार और भंडारण क्षमता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है. यही वजह है कि इसे निर्यात के लिए चुना गया. इससे यह साफ हो गया है कि भारतीय किसान अब वैश्विक बाजार की जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम हैं.

किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

कृषि विभाग के अनुसार, अगर किसी फसल की विदेशों में मांग बढ़ती है तो उसका सीधा फायदा किसानों को मिलता है. निर्यात होने से फसल की कीमत  भी बेहतर मिलती है. आलू के विदेश जाने से किसानों को अपनी मेहनत का अच्छा मूल्य मिलने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र के अन्य किसान भी बेहतर गुणवत्ता वाली खेती की ओर प्रेरित हो सकते हैं. सरकार भी ऐसी पहलों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है.

कृषि विभाग ने किसानों को दी यह सलाह

कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार अगर किसान आधुनिक खेती तकनीक अपनाएं और गुणवत्ता पर ध्यान दें तो उनकी फसल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकती है. विभाग का कहना है कि अच्छी किस्म के बीज, सही खाद और समय पर देखभाल से फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है. अगर किसान निर्यात के मानकों को ध्यान में रखकर खेती करें तो उनकी आमदनी बढ़ सकती है और देश की कृषि को भी नया बाजार मिल सकता है. इस तरह सादाबाद के आलू का विदेश जाना न केवल किसानों के लिए खुशी की बात है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि भारतीय खेती अब धीरे-धीरे वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रही है.

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Published: 16 Mar, 2026 | 05:30 PM
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