किसानों के आगे झुकी सरकार, सरवन सिंह पंढेर जेल से रिहा, अमृतसर में मार्च का ऐलान

Kisan Andolan Punjab: किसान नेता सरवन सिंह पंढेर को पंजाब पुलिस ने हिरासत से छोड़ दिया है. उन्हें सीएम भगवंत मान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के ऐलान के बाद 17 जनवरी की रात को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल में रखा था. जेल से बाहर आने के बाद पंढेर ने किसानों को संबोधित किया.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 20 Jan, 2026 | 02:01 PM

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर को पंजाब पुलिस ने आज तीसरे दिन हिरासत से रिहा कर दिया है. उन्हें सीएम भगवंत मान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के ऐलान के बाद 17 जनवरी की रात को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल में रखा था. उनके साथ ही 15 अन्य किसानों को भी पुलिस ने हिरासत में रखा था, जिन्हें रिहा कर दिया गया है.  अब किसान मजदूर मोर्चा ने अमृतसर में मार्च करने का ऐलान किया है.

जेल से बाहर आने पर सरवन सिंह पंढेर बोले- दमनकारी नीतियों के आगे नहीं झुकेंगे

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के बयान में कहा गया है कि किसान नेता सरवन सिंह पंढेर को आज सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया है. सरवन सिंह पंढेर ने जेल से बाहर आने के बाद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वह सरकार की दमनकारी नीतियों के सामने नहीं झुकेंगे. उन्होंने कहा कि किसानों की एकता ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया है और जो गलत तरीके से 3 दिन पहले रात में उन्हें हिरासत में लिया था, जिसके बाद लगातार किसान पंजाब समेत देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे थे.

किसान मजदूर मोर्चा की ओर से कहा गया कि किसानों के प्रतिनिधि मंडल की सरकार के प्रतिनिधियों से किसानों को हिरासत से छुड़ाने के लिए वार्ता चल रही थी. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर को कल शाम को छोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन तब रिहाई नहीं होने पर किसानों ने पंजाब के अमृतसर, संगरूर, मोगा समेत अन्य जिलों में जोरदार प्रदर्शन किया था और जगह जगह सीएम भगवंत मान के पुतले जलाए थे. अब आज सुबह करीब 11 बजे के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंढेर को पुलिस ने रिहा किया है.

सरवन सिंह पंढेर को पंजाब सरकार ने हिरासत में क्यों लिया था

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के पंजाब राज्य प्रेस सचिव कंवर दलीप सिंह ने कहा कि 7 जनवरी को सरकार ने किसानों के साथ बैठक करने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने बिना सूचना दिए बैठक रद्द कर दी. इसका जवाब लेने और किसानों की मांगों पर बात करने के लिए सरवन सिंह पंढेर समेत अन्य नेताओं ने 18 जनवरी को अमृतसर के मजीठा कस्बे में जुटान का ऐलान किया था. मजीठा में सीएम भगवंत मान का पहले से कार्यक्रम तय था. किसान मजीठा पहुंचते उससे पहले ही प्रशासन ने  17 जनवरी की रात को किसान नेताओं को उनके घरों से उठा लिया था.

किसान 18 जनवरी को पहले से प्रस्तावित कार्यक्रम के अमृतसर जिले के मजीठा में सीएम भगवंत मान से सवाल पूछने जा रहे थे, जिन्हें पुलिस प्रशासन ने पहुंचने से पहले ही रास्ते में रोक लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी हुई है. इस दौरान मोगा समेत अन्य जगहों पर किसानों को सड़क और रेल ट्रैक जाम किया था. किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनपर लाठियां चलाईं और कई किसानों को भी हिरासत में लिया था.

Sarwan Singh Pandher and Fifteen farmer leaders detained

मजीठा में सीएम से मिलने जा रहे किसानों को रोकने पर पुलिस से तनातनी हो गई.

सतनाम सिंह पन्नू ने किया था आरपार की लड़ाई का ऐलान

किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि अमृतसर के पास किसानों के ऊपर आज लाठियां चलाई गई हैं. उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है. हम शंभू और खनौरी मोर्चे से किसानों को उठाने को लेकर सवाल पूछने जा रहे हैं. दोनों मोर्चों से किसानों की ट्रालियां और सामान चोरी किया गया है, उसका जवाब भगवंत मान सरकार दे. किसानों को उनके नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है. गलत तरीके से किसानों पर मुकदमें दर्ज किए गए हैं. उन्होंने आज पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. हर जिले में किसान और मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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Published: 20 Jan, 2026 | 01:51 PM

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