Telangana paddy production: तेलंगाना में इस साल धान की खेती ने नया रिकॉर्ड बनाने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं. राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार रबी सीजन में करीब 1.46 करोड़ टन धान का उत्पादन हो सकता है. इससे पहले खरीफ सीजन में भी लगभग इतनी ही मात्रा में धान पैदा हुआ था. अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो पूरे साल में राज्य का कुल धान उत्पादन लगभग 2.96 करोड़ टन तक पहुंच सकता है.
राज्य के कृषि विभाग का कहना है कि किसानों ने इस बार बड़े पैमाने पर धान की खेती की है. बेहतर सिंचाई व्यवस्था, सरकारी योजनाओं और समर्थन मूल्य की वजह से धान की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है. इसी कारण तेलंगाना देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में तेजी से उभर रहा है.
रबी सीजन में खेती का रकबा बढ़ा
आंकड़ों के मुताबिक इस साल रबी सीजन में किसानों ने लगभग 22.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की. यह सामान्य रकबे 20.83 लाख हेक्टेयर से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है.
खेती का दायरा बढ़ने की वजह से उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है. कई जिलों में सिंचाई परियोजनाओं और नहरों से पानी मिलने के कारण किसानों ने परंपरागत फसलों की जगह धान को प्राथमिकता दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम अनुकूल बना रहा तो इस बार उत्पादन का आंकड़ा राज्य के लिए नया रिकॉर्ड साबित हो सकता है.
सरकार करेगी बड़े स्तर पर खरीद
धान की इतनी बड़ी पैदावार को देखते हुए राज्य सरकार खरीद की तैयारियों में जुट गई है. सरकार का लक्ष्य है कि कुल उत्पादन का कम से कम दो-तिहाई हिस्सा किसानों से खरीदा जाए.
इसके लिए सरकार को करीब 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं. राज्य सरकार का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है और व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं.
गर्मियों की धान फसल से जुड़ी चुनौतियां
हालांकि रबी सीजन की धान फसल राज्य के लिए कुछ चुनौतियां भी लेकर आती है. गर्मियों के दौरान तैयार होने वाला चावल कई राज्यों में कम पसंद किया जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादा तापमान के कारण धान के दानों में नाजुकपन आ जाता है. इसी वजह से मिलर अक्सर इस धान को उबले चावल (बॉयल्ड राइस) में बदल देते हैं. इससे बाजार में इसकी मांग सीमित हो जाती है. इसी कारण राज्य सरकार के सामने इस धान की बिक्री और वितरण को लेकर अतिरिक्त रणनीति बनाने की जरूरत पड़ती है.
केंद्र सरकार से की गई खरीद की मांग
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त धान खरीदने की अपील की है.
दोनों नेताओं ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार 2025-26 के खरीफ विपणन सीजन में खरीदे गए अतिरिक्त 18 लाख टन धान को केंद्रीय पूल के लिए स्वीकार करे. पत्र में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों से यह अतिरिक्त धान खरीद लिया है और अब इसे भारतीय खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा खरीद लिया जाना चाहिए.
पुराने स्टॉक की खरीद की भी मांग
इसके अलावा राज्य सरकार ने केंद्र से एक और मांग की है. मुख्यमंत्री और नागरिक आपूर्ति मंत्री ने अनुरोध किया है कि 2024-25 के रबी सीजन में पैदा हुए करीब 10 लाख टन चावल को भी खरीदने पर विचार किया जाए.
राज्य सरकार का मानना है कि यदि केंद्र सरकार इस चावल को खरीद लेती है तो किसानों और मिलरों दोनों को राहत मिलेगी और राज्य में भंडारण की समस्या भी कम होगी.