किसान सावधान! गर्मी में एक गलती बर्बाद कर देगी आपकी पूरी फसल! सरकार ने जारी की एडवाइजरी

गर्मी बढ़ने के साथ खेतों में लू और आग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों को पानी साथ रखने, दोपहर में खेत से बचने, पशुओं को छाया में रखने और ट्रांसफार्मर के आसपास सफाई रखने की सलाह दी है. छोटे उपाय किसानों को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 16 Apr, 2026 | 11:30 PM

Uttar Pradesh News: गर्मी का मौसम जैसे-जैसे तेज हो रहा है, वैसे-वैसे खेतों में काम करने वाले किसानों के सामने लू, आग और फसल नुकसान का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. दोपहर की तेज धूप, सूखी फसल, ट्रांसफार्मर के पास खड़ी पराली और पानी की कमी कई बार बड़ी परेशानी बन जाती है. ऐसे में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों के लिए जरूरी सुझाव जारी किए हैं, ताकि किसान खुद, अपने पशुओं और अपनी फसल को सुरक्षित रख सकें. विभाग का कहना है कि थोड़ी सावधानी से लू लगने, खेतों में आग लगने और पशुओं के बीमार होने जैसी घटनाओं से आसानी से बचा जा सकता है.

खेत में काम का सही समय और पानी साथ रखना जरूरी

कृषि विभाग के अनुसार किसानों को गर्मी के मौसम  में सुबह जल्दी या शाम को खेतों में काम करना चाहिए. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचना सबसे बेहतर है. अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें. दिनभर नींबू पानी, छाछ, शिकंजी या अन्य तरल पदार्थ लेते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. आसान भाषा में कहें तो गर्मी में पानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है. खेत में लंबे समय तक काम करने वालों के लिए यह छोटी आदत बड़ी राहत दे सकती है.

पशुओं को धूप से बचाएं, दिन में कई बार पानी पिलाएं

तेज गर्मी का असर सिर्फ किसानों पर नहीं, पशुओं पर भी पड़ता  है. विभाग ने सलाह दी है कि पशुओं को कम से कम दिन में तीन बार पानी जरूर पिलाएं. उन्हें तेज धूप में चरने के लिए बाहर न भेजें और छायादार जगह पर रखें. अगर पशु ज्यादा देर धूप में रहेंगे तो उनका दूध उत्पादन कम हो सकता है और वे बीमार भी पड़ सकते हैं. इसलिए गर्मी के दिनों में पशुओं के शेड में हवा, पानी और छाया का पूरा इंतजाम रखना जरूरी है. यह सावधानी पशुपालकों की आय बचाने में भी मदद करेगी.

ट्रांसफार्मर के आसपास साफ-सफाई से रुकेगी आग

गर्मी में खेतों और खलिहानों में आग लगने की बड़ी वजह बिजली के ट्रांसफार्मर और सूखी फसल होती  है. कृषि विभाग ने साफ कहा है कि ट्रांसफार्मर के आसपास कम से कम 10×10 फीट क्षेत्र की फसल काटकर निराई-गुड़ाई कर साफ रखें. वहां सूखी घास, पराली या कचरा बिल्कुल न रहने दें. खेतों और खलिहानों के पास धूम्रपान से भी बचें, क्योंकि एक छोटी चिंगारी भी बड़ी आग में बदल सकती है. यह छोटी सी सावधानी किसानों को लाखों के नुकसान से बचा सकती है.

आग लगे तो घबराएं नहीं, तुरंत इन नंबरों पर करें कॉल

अगर किसी कारण खेत या खलिहान में आग  लग जाए, तो घबराने की बजाय तुरंत स्थानीय स्तर पर आग बुझाने की कोशिश करें और फायर हेल्पलाइन 101 या आपातकालीन नंबर 112 पर तुरंत सूचना दें. विभाग ने यह भी बताया है कि आपदा से मौत की स्थिति में पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है. अधिक जानकारी और राहत के लिए किसान राज्य आपदा कंट्रोल रूम 1070 और कृषि हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं. ऐसे में गर्मी के मौसम में थोड़ी सावधानी किसानों की जान, पशुओं की सेहत और फसल-तीनों को सुरक्षित रख सकती है. यही वजह है कि विभाग किसानों से अपील कर रहा है कि लू और आग से बचाव के इन आसान उपायों को जरूर अपनाएं.

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Published: 16 Apr, 2026 | 11:30 PM
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