Agricultural Equipment Subsidy: किसानों की खेती की लागत कम करने और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कई कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान दिया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य है कि किसान कम खर्च में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें और खेती में मशीनों का इस्तेमाल बढ़े. इसके तहत ड्रोन, ट्रैक्टर आधारित उपकरण, कस्टम हायरिंग सेंटर और फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े कई यंत्रों पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. इच्छुक किसान निर्धारित समय सीमा के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं.
ड्रोन और कस्टम हायरिंग सेंटर पर मिलेगा बड़ा अनुदान
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किसानों और कृषि उद्यमियों को आधुनिक मशीनों से जोड़ने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. एकल कृषि यंत्र कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए करीब 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. इसके माध्यम से ड्रोन सहित कई आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे. वहीं, फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए 30 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है.
इन योजनाओं के तहत मिलेंगे आधुनिक कृषि उपकरण
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत ब्रेस्ट ड्रायर, पॉपिंग मशीन और मेज सेलर जैसे उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत मिलेट पर्लर मशीनों पर भी सहायता दी जाएगी. कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए स्प्रेयर पावर चलित उपकरण सहित अन्य कृषि यंत्र दिए जाएंगे. फसल विविधीकरण योजना के तहत भी किसानों को विभिन्न कृषि मशीनों का लाभ मिलेगा. वहीं, दलहनी मिशन के तहत दाल मिल लगाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
10 अगस्त तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद पात्र किसानों का चयन प्रक्रिया के तहत किया जाएगा. जांच और चयन के बाद ही किसानों को अनुदान का लाभ मिलेगा. कृषि यंत्रों की बुकिंग विकासखंड स्तर पर की जाएगी. सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके.
लॉटरी प्रक्रिया से होगा किसानों का चयन
सरकार के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा. चयनित किसानों को निर्धारित राशि जमा करने के बाद कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे. एग्रीगेटर परियोजना के तहत बड़े कृषि उपकरणों और शुगरकेन हार्वेस्टर जैसी मशीनों के लिए भी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी गई है. सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी, श्रम लागत कम होगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी.