किसानों के समर्थन में उतरे सुरजेवाला, कहा- भुगतान में हो रही देरी.. गेहूं उठान भी नहीं है ठीक

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों को देश की किसी भी मंडी में फसल बेचने की बात  करती है, लेकिन दूसरी तरफ पोर्टल से जुड़े कई नियम और शर्तें लगा देती है, जिससे किसानों को दिक्कत होती है. उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है.

Kisan India
नोएडा | Published: 21 Apr, 2026 | 05:46 PM

Haryana News: कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को भाजपा सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. अंबाला की अनाज मंडियों के दौरे के बाद उन्होंने कहा कि वहां गेहूं की खरीद और उठान ठीक से नहीं हो रहा है और साफ तौर पर अव्यवस्था नजर आ रही है. सुरजेवाला ने कहा कि किसान, मजदूर और आढ़ती सभी मुश्किल हालात में हैं. मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं उठान के इंतजार में पड़ा है, जिससे भुगतान में देरी हो रही है और किसानों को समय पर पैसा नहीं मिल रहा है. उनके मुताबिक, धीमी खरीद और खराब प्रबंधन की वजह से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं.

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गेहूं की पैकिंग में प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि समय पर जूट के बैग क्यों नहीं खरीदे गए और अब प्लास्टिक बैग इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध है. उनका आरोप है कि बाद में सरकार इसी आधार पर गेहूं खराब होने की बात कह सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल और बायोमेट्रिक सिस्टम  किसानों के लिए परेशानी बन गए हैं. नमी और चमक (लस्टर) के नाम पर किसानों को MSP नहीं दिया जा रहा. साथ ही, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का अब तक किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला है.

क्या किसानों को नहीं मिल रहा उचित रेट

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों को देश की किसी भी मंडी में फसल बेचने की बात  करती है, लेकिन दूसरी तरफ पोर्टल से जुड़े कई नियम और शर्तें लगा देती है, जिससे किसानों को दिक्कत होती है. उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है. साथ ही हाफेड और एफसीआई के गोदामों में गेहूं रखने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है, जिससे स्थिति और कठिन हो रही है.

किसानों ने खरीद नियमों के खिलाफ विरोध जताया

वहीं, सोमवार को करनाल मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर कई किसानों ने धरना दिया  और गेट बंद कर सरकार के नए खरीद नियमों के खिलाफ विरोध जताया. ये किसान संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बैनर तले इकट्ठा हुए थे. उन्होंने नारेबाजी की और गेट को ब्लॉक कर दिया, हालांकि अधिकारी दूसरे गेट से अंदर जाते रहे. किसानों का कहना है कि नए नियम, जैसे मंडी में प्रवेश पर गाड़ियों की फोटो लेना और नीलामी के समय बायोमेट्रिक सत्यापन, फसल बेचने में अनावश्यक दिक्कतें पैदा कर रहे हैं. उनका कहना है कि पहले की तरह बिना जटिल प्रक्रियाओं के सरकार उनकी फसल खरीदे, ताकि उन्हें मंडी में कोई परेशानी न हो.

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