आखिर लंगड़ा आम का नाम ‘लंगड़ा’ क्यों पड़ा? 300 साल पुरानी कहानी जान रह जाएंगे हैरान

लंगड़ा आम की सबसे ज्यादा खेती उत्तर प्रदेश के वाराणसी और आसपास के इलाकों में होती है. इसके अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी इसकी खेती की जाती है. कुछ क्षेत्रों में इसे “मालदा आम” के नाम से भी जाना जाता है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 9 May, 2026 | 02:45 PM

भारत में आम को फलों का राजा कहा जाता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों किस्म के आम उगाए जाते हैं, जिनका स्वाद, रंग और खुशबू अलग होती है. दशहरी, चौसा, अल्फांसो और सफेदा जैसे आमों की अपनी खास पहचान है, लेकिन जब बात स्वाद और खुशबू की आती है तो “लंगड़ा आम” का नाम सबसे अलग नजर आता है.

लंगड़ा आम सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी काफी मशहूर है. इसकी मिठास, गूदेदार बनावट और खास सुगंध लोगों को बेहद पसंद आती है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आखिर इस आम का नाम “लंगड़ा” कैसे पड़ा. इसके पीछे लगभग 300 साल पुरानी एक दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है, जिसका संबंध उत्तर प्रदेश के बनारस यानी वाराणसी से माना जाता है.

कैसे पड़ा ‘लंगड़ा आम’ नाम?

लंगड़ा आम के नाम के पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी बताई जाती है. कहा जाता है कि करीब 300 साल पहले बनारस के एक मंदिर में भगवान शिव के एक पुजारी रहते थे. उनके पैर में दिक्कत थी. जिसकी वजह से लोग उन्हें “लंगड़ा पुजारी” कहकर बुलाते थे.

एक दिन एक संत उस मंदिर में आए और वहां कुछ समय तक रुके. जाते समय उन्होंने मंदिर परिसर में दो आम के पौधे लगाए. संत ने पुजारी से कहा कि जब इन पेड़ों पर फल आएं तो सबसे पहले भगवान शिव को अर्पित किए जाएं. समय बीतता गया और कुछ वर्षों बाद उन पेड़ों पर आम आने लगे. जब पहली बार फल तैयार हुए तो पुजारी ने संत की बात मानते हुए सबसे पहले भगवान शिव को आम चढ़ाए.

स्वाद ऐसा कि पूरे बनारस में फैल गई चर्चा

बताया जाता है कि उन आमों का स्वाद बेहद अलग और खास था. उनमें गजब की मिठास और खुशबू थी. धीरे-धीरे इस आम की चर्चा पूरे बनारस में फैलने लगी. लोग इस अनोखे स्वाद वाले आम को खाने के लिए उत्सुक रहने लगे.

कहानी के अनुसार, जब इस आम की खुशबू और स्वाद की चर्चा राजा तक पहुंची तो उन्होंने भी इसे चखने की इच्छा जताई. राजा को यह आम इतना पसंद आया कि इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ गई. चूंकि यह आम सबसे पहले “लंगड़ा पुजारी” के बगीचे में उगा था, इसलिए लोगों ने इसे “लंगड़ा आम” कहना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे यही नाम पूरी दुनिया में मशहूर हो गया.

लंगड़ा आम की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

लंगड़ा आम कई वजहों से खास माना जाता है. यह आम बेहद रसीला, मीठा और गूदेदार होता है. इसकी खुशबू भी दूसरी किस्मों के मुकाबले काफी अलग होती है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि पकने के बाद भी इसका छिलका पूरी तरह पीला नहीं होता. दूसरे आम जहां पकने पर पीले या नारंगी रंग के हो जाते हैं, वहीं लंगड़ा आम का रंग काफी हद तक हरा ही रहता है. इसी वजह से कई लोग पहली नजर में यह पहचान भी नहीं पाते कि आम पूरी तरह पक चुका है.

कहां होती है इसकी सबसे ज्यादा खेती?

लंगड़ा आम की सबसे ज्यादा खेती उत्तर प्रदेश के वाराणसी और आसपास के इलाकों में होती है. इसके अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी इसकी खेती की जाती है. कुछ क्षेत्रों में इसे “मालदा आम” के नाम से भी जाना जाता है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म और नम मौसम इस आम की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है.

किसानों के लिए फायदेमंद है यह आम

लंगड़ा आम की बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है. यही वजह है कि इसकी खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा मानी जाती है. फल मंडियों में इसकी कीमत सामान्य आमों के मुकाबले कई बार ज्यादा मिलती है. खासतौर पर बड़े शहरों और निर्यात बाजार में इसकी मांग काफी मजबूत रहती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान सही तरीके से इसकी खेती करें तो उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सकता है.

विदेशों में भी बढ़ रही मांग

लंगड़ा आम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. इसकी खुशबू और स्वाद ने विदेशों में भी लोगों को दीवाना बना दिया है. भारत से इस आम का निर्यात खाड़ी देशों, यूरोप और अमेरिका तक किया जाता है. विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच इसकी खास मांग रहती है. निर्यात बढ़ने से किसानों और व्यापारियों दोनों को फायदा मिल रहा है.

भारत में आमों की दुनिया बेहद खास

भारत दुनिया में आम उत्पादन करने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल है. यहां लगभग 1500 किस्म के आम पाए जाते हैं, जिनमें से करीब 1000 किस्मों की व्यावसायिक खेती की जाती है. हर साल भारत में लगभग 1.5 करोड़ टन आम का उत्पादन होता है. भारतीय आमों की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि भारत से बड़ी मात्रा में आमों का निर्यात भी किया जाता है.

हर आम की अपनी अलग पहचान होती है. किसी की मिठास खास होती है तो किसी की खुशबू. कुछ आम आकार में बड़े होते हैं तो कुछ छोटे. लेकिन लंगड़ा आम अपनी अलग खुशबू और स्वाद की वजह से सबसे खास माना जाता है.

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