प्याज किसानों को मिला प्रति एकड़ 50000 रुपये का मुआवजा, सरकार ने जारी की 128 करोड़ की राशि

आंध्र प्रदेश के कर्नूल और कड़ापा जिलों के प्याज किसानों को मौसम से हुई फसल नुकसान की भरपाई में 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया गया. राज्य सरकार ने विकास और कल्याण पर ध्यान देते हुए सिंचाई परियोजनाओं पर 12,000 करोड़ खर्च किए. एनडीए सरकार स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है.

Kisan India
नोएडा | Published: 5 Jan, 2026 | 03:46 PM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के कर्नूल और कड़ापा जिलों के प्याज किसानों को फसल मुआवजा दिया गया है. कृषि मंत्री के. अचन्नैडू और उद्योग व वाणिज्य मंत्री टीजी  भरत ने यह राहत राशि वितरित की. मौसम की अनियमितता के कारण पिछले साल किसानों की फसल खराब हो गई थी. प्रभावित किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया गया. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पहले ही इस मुआवजे का ऐलान किया था. राज्य सरकार ने कुल 37,752 किसानों की पहचान की और उनके बैंक खातों में 128.33 करोड़ रुपये जमा किए, जिसमें से कर्नूल जिले के 31,352 किसानों के खाते में 99.92 करोड़ रुपये भेजे गए.

कोडुमुर में किसानों को वित्तीय सहायता देते हुए अचन्नैडू ने कहा कि राज्य आर्थिक संकट  के बावजूद सरकार ने किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने का निर्णय लिया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रति किए गए वादे को पूरा किया है. अचन्नैडू ने कहा कि 2014-19 में टीडीपी सरकार ने सिंचाई और कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दी थी और सिर्फ सिंचाई परियोजनाओं पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे. इस दौरान कृषि में जीडीपी 7-8 फीसदी से बढ़कर 17 फीसदी तक पहुंच गई थी. लेकिन 2019 के बाद पांच साल तक अगले सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों की उपेक्षा की. उन्होंने कहा कि अब सिंचाई क्षेत्र को फिर से प्राथमिकता दी गई है और राज्य के हर एकड़ खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

18 महीने में सिंचाई पर 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए

मंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में एनडीए सरकार ने ईस्ट और वेस्ट गोदावरी के कोको किसानों, प्राकाशम के तंबाकू किसानों, चित्तूर के आम किसानों और प्याज किसानों की मदद की. राज्य सरकार विकास के साथ-साथ कल्याण पर भी ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि 18 महीने में सिंचाई पर 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए और हैंड्री-नीवा परियोजना भी पूरी की गई.

नए रोजगार पैदा होंगे और कृषि क्षेत्र भी फले-फूलेगा

वहीं, भरत ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्याज किसानों की समस्याओं पर तुरंत सकारात्मक कदम  उठाए और राहत राशि घोषित की. उन्होंने याद दिलाया कि 2014-19 में टीडीपी सरकार ने किसानों के लिए दो बार न्यूनतम समर्थन मूल्य भी घोषित किया था. भरत ने कहा कि एनडीए सरकार स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है. अगर सरकार लगातार बनी रहती है, तो राज्य में विकास होगा, नए रोजगार पैदा होंगे और कृषि क्षेत्र भी फले-फूलेगा.

प्याज की हुई थी सरकारी खरीद

बीते सितंबर महीने में आंध्र प्रदेश सरकार ने कर्नूल के किसानों को राहत देते हुए प्याज की खरीद 1,200 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य  (MSP) पर शुरू की थी. बाजार में कीमतें गिरने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा था. ऐसे में आंध्र प्रदेश सरकार ने प्याज की सरकारी खरीद एमएसपी पर शुरू की थी. दरअसल, अगस्त महीने खराब मौसम, भारी बारिश, कमजोर निर्यात मांग और अधिक आपूर्ति के कारण प्याज की कीमतें घटकर सिर्फ 200 रुपये प्रति क्विंटल रह गई थीं. 

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