Egg Price Fall: तापमान में बढ़ोतरी शुरू होने के साथ ही अंडे की कीमत में गिरावट शुरू हो गई है. हालांकि, अभी पूरी तरह से भीषण गर्मी का आगमन नहीं हुआ है. ऐसे में कारोबारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में अंडा और सस्ता हो सकता है. यानी अंडे की कीमतों में और गिरावट आएगी. हालांकि, ये भी कहा जा रहा है कि तमिलनाडु स्थित नमक्कल में अंडों की खपत कम हो गई है. इससे अंडे की कीमत घटकर 4.60 रुपये प्रति पीस हो गई है. जबकि, निर्यातकों का कहना है कि ईरान-अमेरिका और इजराइल युद्ध का फिलहाल अंडों के निर्यात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है.
नमक्कल को अंडों का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां 1,600 से ज्यादा पोल्ट्री फार्म हैं. यहां हर दिन लगभग 6 से 7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है, जिनमें से 50 से 60 लाख अंडे रोजाना मस्कट, दुबई, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में निर्यात किए जाते हैं. इसके अलावा अंडे तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी के कई हिस्सों में भी भेजे जाते हैं. तमिलनाडु में मिड-डे मील योजना के तहत स्कूलों में भी अंडों की सप्लाई की जाती है.
तापमान बढ़ने के कारण अंडों की खपत कम हो गई है
राज्य में पिछले दो हफ्तों से तापमान बढ़ने के कारण अंडों की खपत कम हो गई है, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है. पिछले कुछ महीनों से अंडों की खरीद कीमत 5 रुपये से ज्यादा थी, लेकिन शुक्रवार को यह घटकर 4.80 रुपये और रविवार को 4.60 रुपये प्रति अंडा हो गई.
तमिलनाडु और केरल में अंडों की खपत कम हो जाती है
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) नमक्कल जोन के कोषाध्यक्ष सुंदर राजन ने कहा कि फिलहाल नमक्कल में रोजाना करीब 6 करोड़ अंडों का उत्पादन हो रहा है. आमतौर पर गर्मियों में, खासकर तमिलनाडु और केरल में अंडों की खपत कम हो जाती है. उन्होंने कहा कि देश के अन्य अंडा उत्पादन क्षेत्रों में भी बिक्री कम हुई है, इसलिए कीमत घटानी पड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, इसलिए नमक्कल से अंडों की सप्लाई पहले की तरह जारी है. उनका कहना है कि खपत के आधार पर आगे अंडों की कीमत तय की जाएगी और उम्मीद है कि कीमत इससे ज्यादा नहीं गिरेगी.
हर दिन लगभग 50 से 60 लाख अंडे विदेशों में निर्यात
तमिलनाडु पोल्ट्री फार्मर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के. सिंगराज ने कहा कि नमक्कल से हर दिन लगभग 50 से 60 लाख अंडे कंटेनरों के जरिए विदेशी देशों में निर्यात किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण अंडों के निर्यात पर एक-दो दिन का असर पड़ सकता है. हालांकि फिलहाल अरब देशों में अंडों के निर्यात में कोई बड़ी समस्या नहीं आई है और कंटेनरों को अंडे उतारने की अनुमति मिल रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा, क्योंकि इसे समाप्त करने के लिए बातचीत चल रही है.
नवंबर में अचानक बढ़ गए थे तमिलनाडु के अंदर अंडे के दाम
बता दें कि पिछले साल नवंबर महीन में तमिलनाडु के नमक्कल में घरेलू मांग बढ़ने और उत्पादन में थोड़ी कमी के कारण अंडे की कीमतें पहली बार फार्म गेट पर 6 रुपये प्रति अंडा पहुंच गई थीं. नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमिटी (NECC) के जोनल चेयरमैन के. सिंगराज ने तब कहा था कि पिछले साल अधिकतम कीमत 5.95 रुपये थी, जबकि 19 नवंबर को यह 6.05 रुपये तक पहुंच गई थी. नमक्कल में रोजाना 6.5 से 7 करोड़ अंडे पैदा होते हैं, जिनमें से 80 लाख से 1 करोड़ अंडे विदेशों में निर्यात किए जाते हैं. हालांकि, निर्यात में थोड़ी गिरावट आई है, क्योंकि भारत को टर्की जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है.