केरल सरकार ने राज्य में बढ़ती प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि सरकार NCCF के जरिए 100 टन प्याज खरीदेगी और इसे लोगों को 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा. मंत्री ने कहा कि देश के साथ-साथ केरल के अलग-अलग बाजारों में भी प्याज के दाम तेजी से बढ़े हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने तत्काल कदम उठाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद प्याज की कीमत कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने इस योजना के तहत NCCF के जरिए 100 टन प्याज खरीदने और उसे तुरंत बाजार में उतारने का फैसला किया है. कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि सरकार किसी भी हालत में प्याज की कीमतों को बाजार के भरोसे नहीं छोड़ेगी. सरकार की कोशिश है कि लोगों को बेहतर सुविधाएं और उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध कराया जाए.
उत्पादन केंद्रों से कम हुई प्याज की सप्लाई
उन्होंने कहा कि प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ केरल में ही नहीं हुई है. देश के प्रमुख प्याज उत्पादक केंद्रों नासिक और कर्नाटक में भी प्याज के दाम बढ़े हैं. इसका असर केरल के बाजारों पर भी पड़ा है. कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि थोक कारोबारियों ने बड़ी मात्रा में प्याज खरीदकर स्टॉक कर लिया है. वहीं, प्रमुख उत्पादन केंद्रों में किसानों की ओर से बाजार में पर्याप्त प्याज नहीं भेजा जा रहा है. इन दोनों वजहों से प्याज की कीमतों में तेजी आई है.
पहले चरण में 30 टन प्याज का ऑर्डर
उन्होंने कहा कि सरकार ने गुरुवार को ही प्याज खरीदने का ऑर्डर दे दिया है और इसे जल्द से जल्द बाजार में लाने की तैयारी की जा रही है. कृषि विभाग की Horticorp और सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन की Supplyco मिलकर प्याज के वितरण की व्यवस्था संभालेंगी. सिद्दीकी के मुताबिक, पहले चरण में 30 टन प्याज का ऑर्डर दिया गया है. इसे जल्द बाजार में उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
तीन-चार दिन में शुरू होगी प्याज की डिलीवरी
मंत्री ने बताया कि प्याज की डिलीवरी तीन से चार दिन के भीतर शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग ने हाल ही में ओणम के दौरान भी प्याज और सब्जियों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया था. इसके तहत केरल में करीब 2,000 सब्जी बाजारों के जरिए बिक्री की गई थी. इसमें Horticorp और Vegetable and Fruit Promotion Council Kerala (VFPCK) ने भी सहयोग किया था.
ओणम के बाद भी उत्पादन केंद्रों पर महंगा प्याज
सिद्दीकी के मुताबिक, इस कदम से सब्जियों की कीमतों को नियंत्रित करने और बड़ी तेजी को रोकने में मदद मिली थी. आमतौर पर ओणम के बाद सब्जियों के दाम कम होने लगते हैं, लेकिन इस बार प्रमुख उत्पादन केंद्रों पर ही कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. इसका असर राज्य के बाजारों में भी देखने को मिल रहा है. कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार प्याज की कीमतों को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है. उन्होंने साफ किया कि प्याज खरीदने और बाजार में उपलब्ध कराने के लिए पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी. उन्होंने कहा कि बाजार में जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को राहत मिल सके.