महाराष्ट्र के बाद अब तमिलनाडु में भी प्याज महंगा हो गया है. यहां पर लोगों को एक किलो प्याज के लिए 100 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है. ऐसे में कई परिवार कम मात्रा में प्याज खरीद रहे हैं. खास बात यह है कि मदुरै में प्याज की कीमतों में कुछ ज्यादा ही बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. यहां पर छोटे प्याज (शैलोट) की आवक कम होने और मांग बनी रहने से खुदरा कीमतें बढ़कर 90-100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं. किसान और कारोबारियों के मुताबिक, सिंचाई की समस्या और खराब मौसम की वजह से जिले और आसपास के इलाकों में छोटे प्याज की खेती प्रभावित हुई है.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मदुरै में छोटे प्याज की ज्यादातर आवक डिंडीगुल, थेनी और मदुरै जिलों से होती है. कारोबारियों के मुताबिक, आपूर्ति कम होने से थोक भाव 80 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है. उनका कहना है कि अगली फसल की आवक तक कीमतें इसी स्तर के आसपास रह सकती हैं. मदुरै के प्याज थोक विक्रेता संघ के पदाधिकारी मोहम्मद इस्माइल ने कहा कि परवई मंडी में रोजाना करीब 3,000 बोरी छोटे प्याज की आवक होती थी. एक बोरी में करीब 50 किलो प्याज होता है. वहीं, कीला मराट स्ट्रीट स्थित थोक मंडी में रोजाना करीब 1,500 बोरी की आवक होती थी. अब परवई मंडी में आवक घटकर करीब 1,500 बोरी और दूसरी मंडी में करीब 1,000 बोरी रह गई है.
छोटे प्याज के दाम एक महीने में हुए लगभग दोगुने
आवक कम होने से खुदरा बाजार में छोटे प्याज के दाम करीब एक महीने से भी कम समय में लगभग दोगुने हो गए हैं. मट्टुथावनी सेंट्रल वेजिटेबल मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एन. चिन्नमायन के मुताबिक, शुक्रवार को छोटे प्याज 90-100 रुपये प्रति किलो बिके. जुलाई के आखिरी हफ्ते में इसका भाव 40-60 रुपये प्रति किलो था. इसके बाद कीमत लगातार बढ़ती गई और अब 100 रुपये किलो तक पहुंच गई है.
भूजल घटने से सब्जियों की खेती प्रभावित
कारोबारियों के मुताबिक, मदुरै में कई अन्य सब्जियों के दाम भी 40 रुपये प्रति किलो से ऊपर चल रहे हैं. हालांकि, टमाटर की कीमत 30 रुपये प्रति किलो से कम बनी हुई है. मदुरै और आसपास के जिलों में फसलों पर कीट और बीमारी का असर देखने को मिला है, लेकिन आवक और पैदावार अपेक्षाकृत अच्छी रहने से टमाटर के दाम ज्यादा नहीं बढ़े हैं. किसानों का कहना है कि भूजल का स्तर घटने से सिंचाई की समस्या बढ़ रही है. इसके चलते उन्होंने सब्जियों की खेती का रकबा कम कर दिया है. इससे मंडियों में सब्जियों की आवक भी प्रभावित हो रही है.
2,180 रुपये किलो हुआ प्याज का भाव
बता दें कि कल ही खबर सामने आई थी कि महाराष्ट्र की लासलगांव एपीएमसी मंडी में प्याज के थोक भाव तेजी से बढ़े हैं. पिछले पांच दिनों में प्याज की औसत कीमत करीब 25 फीसदी बढ़ गई. 8 अगस्त को प्याज का औसत भाव 2,180 रुपये प्रति क्विंटल था, जो गुरुवार को बढ़कर 2,760 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. मंडी अधिकारियों और कारोबारियों के मुताबिक, नासिक जिले में लगातार बारिश होने से मंडी में प्याज की आवक काफी कम हो गई है. दूसरी ओर, बाजार में प्याज की मांग बनी हुई है. आवक घटने और मांग स्थिर रहने से कीमतों में तेजी आई है.