मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बासमती चावल और शरबती गेहूं की खेती किसान खूब करते हैं. सरकार के प्रयासों से किसानों की यह दोनों उपज दुनियाभर के 47 देशों में पहुंची हैं. इससे पिछले सीजन में 1800 करोड़ रुपये कमाए गए हैं. अब इसे बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अब पारंपरिक फसलों के साथ ही अच्छी कीमत दिलाने वाली फसलों की खेती खूब कर रहे हैं, जिसका फायदा उन्हें मिल रहा है. सीएम ने कई अन्य योजनाओं का भी जिक्र करते हुए मजबूत होते कृषि विकास की बात कही.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन जिले में बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कहा कि जिले के किसानों की मेहनत ‘ग्लोबल मार्केट’ में धूम मचा रही है. यहां के बासमती चावल की डिमांड आज दुनिया के 47 देशों में है. पिछले वर्ष लगभग 1800 करोड़ रुपये का बासमती निर्यात हुआ है. पहले दुनिया रायसेन को सांची, भीमबेटका और भोजपुर के लिए जानती थी, लेकिन अब यहां के बासमती चावल और गेहूं के स्वाद से भी जानने लगी है.
उत्पादन, मिठास और स्वाद के लिए मशहूर हैं चावल और गेहूं
रायसेन में कुल धान की खेती का रकबा लगभग 3.45 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा बासमती धान का है. यह चावल एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना में भी शामिल है. इसी तरह जिले में कुल गेहूं का रकबा लगभग 1.25 लाख हेक्टेयर से अधिक है, इसमें से ज्यादातर शरबती गेहूं का रकबा है. शरबती गेहूं ज्यादा उत्पादन, मिठास और स्वाद के लिए लोकप्रिय है. दोनों खाद्यान्नों की देश ही नहीं दुनियाभर में खूब मांग है, जिससे यहां के किसानों की आय में बढ़त देखी गई है.
पारंपरिक फसलों से हटकर खेती की ओर बढ़ रहे किसान
किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अब बड़े पैमाने पर फलों और सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं. सिंचाई सुविधा बेहतर करने के लिए यहां से केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना गुजर रही है. बीज से लेकर बाजार तक सरकार किसानों के साथ है. किसानों को बिना किसी ब्याज के जीरो फीसदी ब्याज पर ऋण मिलता रहेगा. ऋण चुकाने के लिए पूरे एक साल का समय मिलेगा. सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियां दूर कर हजारों किसानों को ऋण और योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है. मूंग और उड़द का उपार्जन जारी है. एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा गया है.
किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा है. हम फूड पार्क, कोल्ड चेन एवं कृषि प्रसंस्करण अवसंरचना के विस्तार से कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत कर रहे हैं. तकनीक, उत्पादन और किसान आमदनी बढ़ाने के प्रयास जारी है. दुग्ध उत्पादन को 12 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य है. हर जिले में मछली पालन और विकास के लिए एक आधुनिक मत्स्य हैचरी विकसित करने की तैयारी है.