ओडिशा के 18 जिलों में लागू होगी संपूर्ण पुष्टि योजना, बच्चों को मिलेगा पौष्टिक आहार

ओडिशा सरकार ने बच्चों में कुपोषण कम करने के लिए 18 जिलों में संपूर्ण पुष्टि योजना लागू करने का फैसला किया है. योजना के लिए 360.68 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. इसके तहत 23,088 आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा. पोषण ट्रैकर से निगरानी होगी और आंगनवाड़ी केंद्रों का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 31 Aug, 2026 | 01:46 PM

ओडिशा सरकार ने बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए 18 जिलों में संपूर्ण पुष्टि योजना लागू करने का फैसला किया है. यह योजना ओडिशा न्यूट्रिशन मिशन के तहत चलाई जाएगी. सरकार ने योजना के लिए 2026-27 और 2027-28 के दौरान कुल 360.68 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. इस राशि का इस्तेमाल बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ कई अन्य पोषण संबंधी कार्यक्रमों पर किया जाएगा.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, योजना के तहत समुदाय स्तर पर सेवाएं, जागरूकता अभियान, निगरानी, पोषण पुनर्वास, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और माइक्रोन्यूट्रिएंट मजबूत करने जैसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को कम करना और उन्हें बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है. खास बात यह है कि ओडिशा के 18 जिलों के 23 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्रों में संपूर्ण पुष्टि योजना का संचालन होगा.

18 जिलों के 23,088 आंगनवाड़ी केंद्र योजना में शामिल

ओडिशा में संपूर्ण पुष्टि योजना को लेकर मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. योजना के तहत राज्य के 18 जिलों के 23,088 आंगनवाड़ी केंद्रों को शामिल किया जाएगा. इन जिलों में अंगुल, देवगढ़, ढेंकनाल, गजपति, गंजाम, जाजपुर, झारसुगुड़ा, कालाहांडी, कंधमाल, क्योंझर, कोरापुट, मलकानगिरी, मयूरभंज, नुआपाड़ा, रायगढ़ा, नबरंगपुर, संबलपुर और सुंदरगढ़ शामिल हैं.

 कम वजन वाले नवजातों पर रहेगा खास फोकस

योजना के तहत कुपोषित बच्चों की जल्द पहचान, उनकी शिक्षा और पोषण सुधार पर खास ध्यान दिया जाएगा. बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी ‘पोषण ट्रैकर’ के जरिए की जाएगी. इसके साथ ही डिजिटल और डेटा आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा. सरकार का विशेष फोकस बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिनों, कम वजन वाले नवजातों और बच्चों के पोषण पर रहेगा.

नए आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे

ओडिशा सरकार ने राज्य में नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण को भी प्राथमिकता दी है. इसके साथ ही अधूरे पड़े आंगनवाड़ी केंद्रों को जल्द पूरा करने और मौजूदा केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. यह काम ‘समृद्ध आंगनवाड़ी योजना’ के तहत किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और बच्चों को बेहतर पोषण व सुविधाएं उपलब्ध कराना है.

मुख्यमंत्री पोषण योजना का दायरा बढ़ा

बता दें कि इससे पहले बीते जुलाई महीने में ओडिशा सरकार ने स्कूली छात्रों के पोषण और पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया था. राज्य कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पोषण योजना (MMPY) का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी. सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले छात्रों को भी मुफ्त मिड-डे मील दिया जाएगा. तब सरकार का कहना था कि इस फैसले से किशोर छात्रों में कुपोषण कम करने, स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर घटाने में मदद मिलेगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 31 Aug, 2026 | 01:43 PM

लेटेस्ट न्यूज़