त्योहारी सीजन से पहले देश के साथ-साथ पंजाब में चीनी की कीमतें बढ़ गई हैं. अमृतसर में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां चीनी 64 से 66 रुपये प्रति किलो बिक रही है. इसी बीच जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं. इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अवैध स्टॉक और कालाबाजारी पर निगरानी बढ़ा दी है. डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने जिले में जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच के लिए सब-डिविजन स्तर पर कमेटियां गठित की हैं. ये कमेटियां चीनी के अवैध स्टॉक और उसकी कालाबाजारी की जांच करेंगी.
हिमांशु जैन ने द ट्रिब्यून को बताया कि त्योहारी सीजन से पहले चीनी की जमाखोरी की खबरें मिल रही थीं. इन कमेटियों की अध्यक्षता संबंधित एसडीएम करेंगे. कमेटी में एसीपी/डीसीपी, संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी और मंडी बोर्ड/मार्केट कमेटी के निदेशक शामिल होंगे. डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि कमेटियां दुकानों और चीनी डीलरों की नियमित जांच करेंगी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कहीं चीनी की अवैध तरीके से जमाखोरी या ऊंचे दाम पर बिक्री तो नहीं हो रही है.
चीनी मिलों और बड़े डीलरों की होगी जांच
उन्होंने कमेटियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चीनी मिलों, बड़े डीलरों और स्टॉकिस्टों की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं. जांच के दौरान गोदाम या कारोबारी परिसर में मौजूद चीनी के स्टॉक का मिलान स्टॉक रजिस्टर से किया जाएगा. इससे पता लगाया जाएगा कि रजिस्टर में दर्ज जानकारी सही है या नहीं और रिकॉर्ड के मुताबिक चीनी की सप्लाई की गई है या नहीं. कमेटियां चीनी किस कीमत पर बेची जा रही है, इसकी भी जांच करेंगी. साथ ही, कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी.
अवैध तरीके से चीनी जमा करने वालों पर केस
जिला प्रशासन ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति अवैध तरीके से चीनी का स्टॉक करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे लोगों पर कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है. चीनी का भाव 40-42 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 65 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है. त्योहारी सीजन से पहले चीनी की जमाखोरी किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं.
चीनी डीलरों की स्टॉक सीमा आधी
वहीं, केंद्र सरकार ने कल चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए कारोबारियों की स्टॉक सीमा भी घटा दी है. 15 सितंबर से 30 नवंबर तक चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी गई है. इससे पहले एक अगस्त से 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा लागू की गई थी. एक सितंबर से बड़े चीनी खरीदारों को 15 दिन की खपत से ज्यादा चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं है. सरकार ने यह कदम जमाखोरी और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने पर रोक लगाने के लिए उठाया है. चीनी मिलों में स्टॉक की जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार की टीमें भौतिक सत्यापन भी कर रही हैं.