जालंधर में कबाड़ बना करोड़ों का खजाना, 105 साल पुराना जर्मन ट्रैक्टर 1.25 करोड़ में बिका

Jalandhar vintage tractor news: स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ट्रैक्टर के मालिक दशकों पहले अमेरिका चले गए थे. उनके परिवार ने इसे वहीं छोड़ दिया था. कुछ लोगों का यह भी दावा है कि यह ट्रैक्टर ब्रिटिश दौर में पंजाब आया था और बाद में स्थानीय किसानों के पास रहा.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 27 Feb, 2026 | 08:27 AM

Jalandhar vintage tractor news: कभी-कभी हमारी आंखों के सामने पड़ी चीजें ही सबसे कीमती निकल आती हैं. जालंधर के एक व्यस्त बाजार में सालों से धूल और जंग खाता पड़ा एक पुराना ट्रैक्टर अचानक चर्चा में आ गया. जिसे लोग कबाड़ समझते थे, वही अब 1.25 करोड़ रुपये में बिक चुका है. यह कोई साधारण ट्रैक्टर नहीं, बल्कि जर्मनी का करीब 105 साल पुराना “लैंज बुलडॉग” मॉडल है, जो अब अमेरिका भेजा जा रहा है.

बचपन की यादों से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शहीद भगत सिंह चौक के पास एक पुरानी इमारत के बाहर यह ट्रैक्टर दशकों से खड़ा था. आसपास के लोग बताते हैं कि उन्होंने बचपन से इसे वहीं देखा. कई बच्चे उस पर चढ़कर खेलते थे. किसी ने कभी नहीं सोचा था कि यह मशीन इतनी दुर्लभ और कीमती हो सकती है.

करीब ढाई महीने पहले एक युवक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. बस फिर क्या था, देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया. देश-विदेश से फोन आने लगे. लोग पूछने लगे कि क्या यह सच में जर्मनी का पुराना लैंज बुलडॉग ट्रैक्टर है?

1921 का जर्मन ट्रैक्टर, इतिहास की निशानी

जानकारों ने पुष्टि की कि यह ट्रैक्टर 1921 के आसपास जर्मनी में बना था. इसे हाइनरिख लैंज एजी कंपनी ने मैनहेम शहर में तैयार किया था. “लैंज बुलडॉग” उस दौर में खेती में मशीनों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता था. 1920 से 1950 के बीच बने ये मॉडल आज बेहद दुर्लभ हैं और दुनिया भर में विंटेज कृषि मशीनों के कलेक्टर इन्हें संजोकर रखते हैं.

ट्रैक्टर के साइड में ‘LANZ’ लिखा हुआ था और पीछे लगी प्लेट पर ‘Heinrich Lanz Mannheim’ अंकित था. यही निशान इसकी असली पहचान साबित करने के लिए काफी थे.

बोली 2 लाख से शुरू, सौदा 1.25 करोड़ में

शुरुआत में एक मुंबई की कंपनी ने इसके लिए 2 लाख रुपये की पेशकश की. अगले ही दिन यह बोली बढ़कर 28 लाख तक पहुंच गई. लेकिन असली दिलचस्प मोड़ तब आया जब अमेरिका में मौजूद खरीदारों से वीडियो कॉल पर ट्रैक्टर दिखाया गया. कुछ ही दिनों में सौदा 1.25 करोड़ रुपये में तय हो गया.

18 फरवरी की सुबह क्रेन बुलाकर ट्रैक्टर को सावधानी से उठाया गया और ट्रक के जरिए मुंबई पोर्ट भेज दिया गया. वहां से इसे अमेरिका के कैलिफोर्निया रवाना किया जाएगा. माना जा रहा है कि यह किसी बड़े निजी संग्रह या संग्रहालय का हिस्सा बनेगा.

मालिक और इतिहास अब भी रहस्य

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ट्रैक्टर के मालिक दशकों पहले अमेरिका चले गए थे. उनके परिवार ने इसे वहीं छोड़ दिया था. कुछ लोगों का यह भी दावा है कि यह ट्रैक्टर ब्रिटिश दौर में पंजाब आया था और बाद में स्थानीय किसानों के पास रहा. हालांकि इसकी पूरी कहानी अब भी पूरी तरह साफ नहीं है.

क्यों खास है यह ट्रैक्टर

लैंज बुलडॉग अपने समय में कृषि क्रांति का प्रतीक था. उस दौर में जब खेती ज्यादातर पशुओं पर निर्भर थी, तब इस तरह की मशीनों ने खेती के तरीके बदल दिए. मजबूत इंजन और सरल डिजाइन के कारण यह ट्रैक्टर लंबे समय तक इस्तेमाल में रहा. आज यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि इतिहास का हिस्सा माना जाता है.

जालंधर के लिए गर्व की बात

आज जिस जगह यह ट्रैक्टर पड़ा था, वहां लोग सिर्फ यह देखने आते हैं कि कभी यहां करोड़ों की मशीन खड़ी थी. स्थानीय लोगों के लिए यह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं. जिस चीज को सालों तक किसी ने गंभीरता से नहीं लिया, वही अब शहर की शान बन गई है.

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Published: 27 Feb, 2026 | 08:24 AM

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