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खेती में हादसे से बचना है तो ऐसे जोड़ें ट्रैक्टर से कृषि उपकरण, काम होगा तेज और सुरक्षित भी
Tractor implement: जुताई, बुवाई, गुड़ाई, ढुलाई या खेत की सफाई हर काम में ट्रैक्टर और उससे जुड़े कृषि उपकरण अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन कई बार किसान जल्दबाजी में उपकरण जोड़ देते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है या मशीन की कार्यक्षमता कम हो जाती है.
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कृषि मंत्री शिवराज ने लॉन्च किया ‘भारत-VISTAAR’..किसानों को मिलेगा AI-आधारित डिजिटल सुरक्षा कवच
AI Bharat-VISTAAR: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के सामने दो वादे किए थे भारत को कभी झुकने नहीं दूंगा और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखूंगा, उन पर आंच नहीं आने दूंगा – और दोनों पर सरकार मजबूती से खड़ी है.
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कल्टीवेटर VS रोटावेटर: गहरी जुताई से लेकर खरपतवार नियंत्रण तक, जानें किसे चुनना रहेगा बेहतर
किसी भी फसल की अच्छी पैदावार की शुरुआत मिट्टी की सही तैयारी से होती है. अगर खेत अच्छी तरह से जोता गया है, मिट्टी भुरभुरी है और खरपतवार नियंत्रण में है, तो बीज का अंकुरण बेहतर होगा. यही काम कल्टीवेटर और रोटावेटर करते हैं, लेकिन दोनों का तरीका अलग होता है.
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ट्रैक्टर का 3-पॉइंट लिंकेज सिस्टम कैसे करता है काम? जानिए पूरी तकनीक और फायदे
3-पॉइंट लिंकेज सिस्टम ट्रैक्टर को बहुउपयोगी बनाता है. एक ही ट्रैक्टर से किसान जुताई, बुवाई, खाद डालना, निराई-गुड़ाई और अन्य काम कर सकते हैं. इससे अलग-अलग मशीनों की जरूरत कम हो जाती है. इस तकनीक से काम तेजी से पूरा होता है. उपकरण बदलना आसान होता है, जिससे समय की बचत होती है.
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Opinion: हाई वैल्यू क्रॉप को आम बजट में प्राथमिकता, हाईटेक एग्रीकल्चर में कहीं चूक न जाएं छोटे किसान
इस बार के बजट में परंपरागत फसलों की जगह हाई वैल्यू क्रॉप अथवा अधिक मूल्य देने वाली फसलों को प्राथमिकता दी गई है. वैश्विक बाजार में कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाकर अपनी पैठ मजबूत बनाने की दिशा में पहल की गई है. इसके लिए कृषि क्षेत्र को हाईटेक करने की जरूरत पर बल दिया गया है.
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किसानों की बढ़ी खरीदारी से ट्रैक्टर बाजार हुआ गुलजार, घरेलू मांग और निर्यात में 45 प्रतिशत की उछाल
इस बार ट्रैक्टर बिक्री को आगे बढ़ाने में महाराष्ट्र की भूमिका खास रही. राज्य में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना ने बड़ा असर दिखाया है. इस योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनें खरीदने पर 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलती है.








