Maghi Purnima 2026: सुबह इस मुहूर्त पर करें गंगा स्नान, पूरा साल पाएं सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य!

Maghi Purnima 2026: माघ पूर्णिमा 2026, जिसे माघी पूर्णिमा भी कहा जाता है, 1 फरवरी को है. इस दिन गंगा या त्रिवेणी संगम में शुभ मुहूर्त में स्नान करने से पूरे साल के पुण्य की प्राप्ति होती है. इस बार स्नान का सबसे शुभ समय सुबह 5:24 से 6:17 बजे तक है. माघी स्नान से जन्म-जन्मांतर के दोष दूर होते हैं, स्वास्थ्य बेहतर होता है, नकारात्मकता कम होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 31 Jan, 2026 | 05:16 PM

Magh Purnima 2026: माघ मास की पूर्णिमा का खास महत्व होता है. इसे लोग माघी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दिन अगर गंगा या किसी पवित्र संगम में शुभ मुहूर्त में स्नान किया जाए, तो भक्तों को पूरे साल के स्नान का पुण्य मिलता है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, पौष मास की पूर्णिमा से लेकर माघ मास की पूर्णिमा तक गंगा या त्रिवेणी संगम में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा के दोष दूर होते हैं.

माघ पूर्णिमा 2026 का शुभ मुहूर्त

इस साल माघ पूर्णिमा की तिथि 1 फरवरी 2026 की सुबह 05:52 बजे से 2 फरवरी 2026 की सुबह 03:38 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, इस दिन माघ पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा.

विशेष रूप से इस दिन स्नान का सबसे शुभ समय सुबह 5:24 बजे से 6:17 बजे तक माना गया है. इस समय किया गया माघी स्नान सबसे अधिक पुण्यकारी होता है. हालांकि पूरे दिन स्नान-दान किया जा सकता है, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त का महत्व सबसे अधिक माना जाता है.

शुभ संयोग

इस बार माघ पूर्णिमा रविवार को पड़ रही है. साथ ही कई शुभ ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं, जैसे:

  • चतुर्ग्रही स्थिति
  • शुक्र उदय
  • सर्वार्थसिद्धि योग
  • प्रीति योग
  • आयुष्मान योग
  • पुष्य नक्षत्र
  • रवि-पुष्य योग

इन योगों के कारण इस दिन किए गए धार्मिक कर्म विशेष फलदायी माने जाते हैं.

माघ पूर्णिमा स्नान के लाभ

माघी स्नान करने के कई लाभ हैं:

  • जन्म-जन्मांतर के दोषों का नाश होता है.
  • गंगा जल के औषधीय गुण रोगों से मुक्ति और बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करते हैं.
  • नकारात्मकता और तनाव कम होता है.
  • जीवन में आर्थिक स्थिरता और सुख-साधनों की प्राप्ति होती है.
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्नान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है.

पूजा विधि और अन्य धार्मिक कर्म

माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है. इसके अलावा सत्यनारायण कथा करवाना भी बेहद फलदायी होता है.

पूजा के लिए:

  • धूप-दीप जलाएं, तुलसी, पान, सुपारी, रोली-मोली, तिल और दूर्वा का प्रयोग करें.
  • भगवान को पंचामृत का भोग अर्पित करें.
  • प्रसाद के लिए पंजीरी बनाई जाती है. इसके लिए आटे को भूनकर उसमें शक्कर मिलाकर भगवान को अर्पित किया जाता है और भक्तों में बांटा जाता है.

इस प्रकार, माघ पूर्णिमा 2026 न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता के लिए भी बेहद लाभकारी दिन है. इस दिन किए गए पुण्य कर्म पूरे साल आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक उद्देश्यों के लिए साझा की गई है. इस आर्टिकल में दी गई जानकारी स्थानीय पंचांग और ज्योतिषीय गणना पर आधारित है. कृपया किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.

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