Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में खेती को आधुनिक और मुनाफे वाला बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती के रकबे का बेहतर इस्तेमाल करने पर खास जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PM Krishi Sinchai Yojana) के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को बड़े स्तर पर अपनाया जा रहा है, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है.
राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के प्रयासों से अब तक करीब 19 हजार 306 किसानों को स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली का लाभ दिया जा चुका है. इसके जरिए लगभग 16 हजार 154 हेक्टेयर खेती की जमीन में सिंचाई की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सरकार किसानों को इन नई तकनीकों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित भी कर रही है.
कम पानी में ज्यादा सिंचाई, लागत भी कम
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई (Drip Sprinkler Irrigation) प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि फसलों को जरूरत के मुताबिक और समान रूप से पानी मिलता है. छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अधिकारियों के अनुसार, इन प्रणालियों से 30 से 40 प्रतिशत तक पानी की बचत हो रही है. इससे न सिर्फ पानी की बर्बादी रुक रही है, बल्कि सीमित जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल भी संभव हो पा रहा है.
सब्जी, फल और अनाज सभी के लिए फायदेमंद
ड्रिप सिंचाई प्रणाली खासतौर पर सब्जी, फल, बागवानी और नकदी फसलों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है. वहीं स्प्रिंकलर सिस्टम से दलहन, तिलहन और अनाज फसलों की पैदावार में अच्छा इजाफा देखा जा रहा है. किसानों का कहना है कि इन तकनीकों को अपनाने से 20 से 30 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ा है. इसके साथ ही खाद और मजदूरी पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है.

ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के फायदा (Photo Credit: Canva)
किसानों को मिल रहा प्रशिक्षण और तकनीकी मदद
सरकार की ओर से इस योजना के तहत सिर्फ उपकरण ही नहीं दिए जा रहे, बल्कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डिजाइन अप्रूवल और सिस्टम की स्थापना में भी पूरा सहयोग किया जा रहा है. इससे किसानों में आधुनिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है और वे वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने लगे हैं.
सूखा प्रभावित इलाकों के लिए वरदान
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई योजना खासतौर पर उन इलाकों के लिए राहत बनकर आई है, जहां पानी की कमी रहती है या बारिश कम होती है. कम पानी में ज्यादा उत्पादन होने से किसानों की आमदनी बढ़ रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है.
आंकड़ों में योजना की सफलता
वर्ष 2025-26 में अब तक स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली 15,757 किसानों के खेतों में लगभग 12,212 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाई जा चुकी है. वहीं ड्रिप सिस्टम 3,549 किसानों के खेतों में करीब 3,942 हेक्टेयर जमीन पर स्थापित किया गया है.
कुल मिलाकर, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई ने छत्तीसगढ़ की खेती की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है. यह योजना आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाली साबित हो रही है.