इंजीनियर ने मधुमक्खीवाला स्टार्टअप शुरू किया, 1200 किसान जुड़े.. 2 करोड़ की कमाई और पीएम से मिली तारीफ

इंजीनियरिंग करने वाले निमित सिंह ने नौकरी की बजाय मधुमक्खी पालन को अपना करियर बनाया और आज उनका स्टार्टअप सफल हो चुका है. वह देश ही नहीं अमेरिका तक में शहद और उससे बने उत्पादों की सप्लाई करते हैं. शहद उत्पादन के लिए उन्होंने देशभर के 1200 किसानों का नेटवर्क तैयार किया है और उन्हें मधुमक्खी पालन ट्रेनिंग दी है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 9 Jan, 2026 | 03:36 PM

किसी भी काम या बिजनेस की शुरुआत छोटी हो सकती है लेकिन उसे कितना बड़ा बनाया जा सकता है यह आप खुद अपनी मेहनत के बलबूते तय करते हैं. पार्क में लोगों को शहद की बोतल बेचने से शुरूआत करने वाले इंजीनियर निमित सिंह ने आज अपनी मेहनत और लगन से करोड़ों का बिजनेस बना दिया है. वह देशभर में शहद की सप्लाई करते हैं और कई तरह के शहद से उत्पाद बनाते हैं. शहद उत्पादन के लिए उन्होंने देशभर के 1200 किसानों का नेटवर्क तैयार किया है और उन्हें मधुमक्खी पालन ट्रेनिंग दी है. किसान जो शहद पैदा करते हैं उसे वह खरीद कर विभिन्न उत्पादों के रूप में डालकर बेचते हैं. निमित के स्टार्टअप को पीएम मोदी ने भी सराहा है.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के निमित सिंह ने बाराबंकी में मधुमक्खीवाला स्टार्टअप शुरू किया है. 30 साल के निमित सिंह ने बीटेक किया है, लेकिन नौकरी की बजाय उन्होंने बिजनेस का रास्ता चुना और आज सफलता की ओर बढ़ रहे हैं. पीएम मोदी ने भी मन की बात कार्यक्रम में “मधुमक्खीवाला” स्टार्टअप खड़ा करने के लिए निमित सिंह की सराहना की है. पीएम ने कहा कि ऐसे युवाओं की मेहनत से देश शहद उत्पादन में बड़ा उत्पादक बन रहा है.

खुद मार्केटिंग और अपनी वेबसाइट से बिक्री कर रहे

निमित सिंह सिर्फ मधुमक्खी पालन नहीं करते, बल्कि शहद पर शोध कर विभिन्न फ्लेवर और वैल्यू एडिशन उत्पाद भी तैयार करते हैं. वह शहद को चॉकलेट, कैंडी के रूप में भी बिक्री करते हैं. उन्होंने मार्केटिंग के लिए किसी कंपनी पर भरोसा नहीं किया, बल्कि खुद का प्लेटफॉर्म तैयार किया. वह अपनी वेबसाइट के जरिए देशभर में अपने शहद और शहद से बने उत्पादों की बिक्री करते हैं.

nimit singh madhumakhiwala

वैक्स मोमबत्ती बनाते कर्मचारियों के साथ निमित सिंह.

शहद यूनिट लगाने के लिए 10 लाख का लोन लिया

निमित सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण मिला. इस रकम के जरिए उन्होंने बाराबंकी व लखनऊ में प्रोसेसिंग यूनिट लगाई. शुरुआत में निमित शहद की कुछ बोतलें लेकर बाइक से पार्क और स्टेडियम में जाकर लोगों को स्वाद चखाते और इसके स्वास्थ्य लाभ बताते थे. धीरे-धीरे उनकी शहद की मांग बढ़ी. अब उनके पास 1000 से अधिक मधुमक्खी के बक्से और खरीदी हुई जमीनें हैं.

1200 मधुमक्खी पालकों का नेटवर्क बनाया

उन्होंने देशभर में 1200 से ज्यादा किसानों का नेटवर्क तैयार किया है, इन किसानों को मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग भी दी है. अब उन किसानों से वह मधुमक्खी शहद खरीद लेते हैं. निमित सिंह ने कहा कि उनका यूकेलिप्टस शहद सबसे लोकप्रिय है. वह बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देकर अपने ब्रांड के नाम से शहद बेचने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं. इसके साथ ही वह शुरुआती ढांचा भी उपलब्ध करा रहे हैं.

अमेरिका तक में शहद उत्पादों की सप्लाई

निमित सिंह मधुमक्खी पालन और उससे जुड़े उत्पादों जैसे मोमबत्ती, कैंडी, चॉकलेट आदि से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का सालाना टर्नओवर हासिल करते हैं. उन्होंने कहा कि उनके उत्पाद अमेरिका तक में बिकते हैं, जिससे उनकी कमाई काफी अच्छी है और वे ‘मधुमक्खीवाला’ ब्रांड के साथ देश-विदेश में पहचान बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं को बिजनेस की ओर आना चाहिए और मेहनत लगन से अपने काम को बड़ा करना चाहिए.

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Published: 9 Jan, 2026 | 03:32 PM

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