CM Kisan Samman Nidhi: खेती आज सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि बढ़ते खर्चों से जूझने की कहानी भी बन चुकी है. बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी-हर चीज की कीमत बढ़ रही है. ऐसे समय में अगर सरकार सीधे किसान के खाते में मदद की रकम भेज दे, तो यह किसी राहत से कम नहीं. राजस्थान सरकार ने किसानों की इसी जरूरत को समझते हुए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है, जो अब लाखों किसानों की आर्थिक रीढ़ बन रही है.
क्या है मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना राजस्थान सरकार की एक खास पहल है, जिसे 30 जून 2024 से लागू किया गया. इस योजना का मकसद उन किसानों को अतिरिक्त मदद देना है, जो पहले से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं. पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये मिलते हैं, जबकि राजस्थान सरकार इसमें हर साल 3000 रुपये और जोड़ देती है. यानी कुल मिलाकर राजस्थान के किसानों को 9000 रुपये सालाना की सीधी मदद मिलती है. यह रकम तीन किस्तों में डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है.
कब आएगी पांचवीं किस्त, क्या है ताजा अपडेट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की चौथी किस्त 18 अक्टूबर 2025 को जारी की गई थी. इस दौरान राज्य के करीब 74 लाख किसानों को 1000 रुपये प्रति किसान दिए गए. पांचवीं किस्त को लेकर पहले दिसंबर 2025 में किसान सम्मेलन के दौरान ऐलान होना था, लेकिन कार्यक्रम टल गया. अब उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल के पहले महीने में किसानों के खाते में यह राशि पहुंच सकती है. हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है.
योजना का उद्देश्य
इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य किसानों को नियमित आर्थिक सहारा देना है. खेती के छोटे-छोटे खर्चों के लिए किसानों को कर्ज न लेना पड़े, इसी सोच के साथ यह योजना लाई गई. बीज, खाद, दवाइयों और सिंचाई जैसे जरूरी खर्च इस रकम से कुछ हद तक पूरे हो जाते हैं. साथ ही यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित हो रही है. डीबीटी के जरिए पैसा सीधे खाते में आने से पारदर्शिता भी बनी रहती है.
कौन किसान ले सकता है योजना का लाभ
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ वही किसान ले सकते हैं, जो पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं. किसान परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और 18 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं. एक परिवार से केवल पति या पत्नी में से किसी एक को ही इस योजना का लाभ मिलेगा. जिन किसानों के पास 1 फरवरी 2019 से पहले कृषि योग्य भूमि थी, वे पात्र हैं. अगर बाद में जमीन विरासत में मिली है, तो ऐसे किसान भी योजना में मान्य हैं.
कौन किसान हैं अपात्र और आवेदन कैसे करें
कुछ वर्गों के किसानों को इस योजना से बाहर रखा गया है. इसमें सरकारी कर्मचारी, पेंशनधारक, आयकर देने वाले किसान, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर लोग शामिल हैं. इसके अलावा, जिन रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन 10,000 रुपये से ज्यादा है, वे भी पात्र नहीं हैं. आवेदन के लिए किसान pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाकर खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. अगर ऑनलाइन आवेदन संभव न हो, तो नजदीकी सीएससी या ई-मित्र केंद्र से भी मदद ली जा सकती है. इसके लिए आधार कार्ड, 12 अंकों की फार्मर आईडी, डीबीटी इनेबल बैंक खाता और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूरी है.