खेती के ढांचे को मजबूत करने की योजना पर ब्रेक, AIF की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का फैसला लटका

सरकार के स्तर पर यह विचार चल रहा था कि एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत मिलने वाले कर्ज की अधिकतम सीमा 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी जाए. इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि महंगाई बढ़ने के साथ कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रोसेसिंग यूनिट और अन्य कृषि ढांचा परियोजनाओं की लागत भी काफी बढ़ चुकी है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 22 Jan, 2026 | 08:32 AM

कोरोना काल के दौरान जब खेती-किसानी को संभालने और गांवों में रोजगार के नए मौके बनाने की जरूरत सबसे ज्यादा महसूस की जा रही थी, तब मई 2020 में केंद्र सरकार ने एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) की शुरुआत की थी. इस योजना का मकसद देशभर में खेत से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था, ताकि किसान सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि भंडारण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग जैसे कामों से भी बेहतर कमाई कर सकें. लेकिन अब इस योजना से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है, जिससे खेती से जुड़े निवेश पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में

सरकार के स्तर पर यह विचार चल रहा था कि एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत मिलने वाले कर्ज की अधिकतम सीमा 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी जाए. इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि महंगाई बढ़ने के साथ कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रोसेसिंग यूनिट और अन्य कृषि ढांचा परियोजनाओं की लागत भी काफी बढ़ चुकी है. ऐसे में मौजूदा सीमा कई बड़े और जरूरी प्रोजेक्ट्स के लिए कम पड़ने लगी है.

हालांकि, यह प्रस्ताव अब फिलहाल अटका हुआ नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस पर कुछ आपत्तियां जताई गई हैं. साथ ही, पिछले साल के बजट में किए गए कुछ बड़े कृषि ऐलानों के अब तक लागू न होने की वजह से भी इस प्रस्ताव पर फैसला टल गया है.

किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा न बढ़ना बना बड़ी वजह

दरअसल, पिछले बजट में किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी की ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की गई थी. लेकिन यह फैसला अब तक जमीन पर नहीं उतर सका है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि जब केसीसी की सीमा ही नहीं बढ़ पाई, तो एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत कर्ज की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी फिलहाल रोक दिया गया. हालांकि, यह उम्मीद जरूर जताई जा रही है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में सरकार इस पर कोई बड़ा ऐलान कर सकती है.

योजना का प्रदर्शन मजबूत, फिर भी फैसला लटका

इस अनिश्चितता के बावजूद एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है. बैंकों ने अब तक इस योजना के तहत डेढ़ लाख से ज्यादा परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें सहकारी बैंकों की हिस्सेदारी भी अहम रही है. कुल मिलाकर करीब 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज स्वीकृत किए जा चुके हैं और लगभग 59 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों और उद्यमियों तक पहुंच भी चुकी है.

इन परियोजनाओं की कुल लागत एक लाख 27 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इस योजना के तहत सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिला है, जहां कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, कृषि प्रसंस्करण इकाइयों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़े हैं.

वहीं कृषि मंत्रालय से जुड़े पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जो योजनाएं अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, उन्हें और मजबूत किया जाना चाहिए, न कि दूसरी योजनाओं की देरी से जोड़कर रोका जाना चाहिए. उनका कहना है कि एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की सीमा बढ़ाने से गांवों में आर्थिक गतिविधियां और तेज होंगी और किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर दाम मिल सकेगा.

पिछले बजट के वादे अब भी अधूरे

पिछले बजट में सिर्फ केसीसी सीमा बढ़ाने की ही बात नहीं हुई थी, बल्कि कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए पांच साल का मिशन और उच्च उत्पादक बीजों पर राष्ट्रीय मिशन जैसे ऐलान भी किए गए थे. ये योजनाएं भी अभी मंजूरी के इंतजार में हैं. ऐसे में बार-बार होने वाली देरी से सरकार की घोषणाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं.

अब सबकी नजरें आने वाले बजट पर टिकी हैं. अगर एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की सीमा बढ़ाने का फैसला होता है, तो इससे खेती से जुड़े निवेश को नई रफ्तार मिल सकती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत सहारा मिल सकता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़

An Enraged Farmer In Bagalkot Karnataka Beat An Official With Slipper Inside His Office Over Land Compensation Waiting From 22 Years

भड़के किसान ने अधिकारी को दफ्तर में चप्पल से पीटा, 22 साल का धैर्य टूटा.. भूमि मुआवजे का मामला

Pm Kisan Next Installment Gift For Farmers Onion Procurement Price Raised To Rs 1650 Per Quintal

PM किसान की अगली किस्त से पहले किसानों को तोहफा, इस चीज की खरीद मूल्य बढ़ाकर 1650 रुपये प्रति क्विंटल किया

Monsoon Unleashed Its Fury In Jharkhand Seven Villagers Died And Several Were Injured After Being Struck By Lightning

मॉनसून ने दिखाया रौद्र रूप, बिजली गिरने से 7 ग्रामीणों की मौत और कई जख्मी, तेज हवाओं में पेड़ ढहे

New Milk Procurement Rule Only 20 Litres Per Day To Be Purchased From Each Farmer

छोटे पशुपालकों के लिए सरकार ने दूध खरीद नियम बदले, खरीद लिमिट और मूल्य भुगतान में इजाफा

Uttar Pradesh Becomes The Largest Food Processing Hub In Indian With 3 Point 50 Lakh Units

CM योगी के नेतृत्व में यूपी बना देश का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब, 3.50 लाख प्रोसेसिंग यूनिट्स के साथ नंबर-1

Pm Kisan Maandhan Yojana Monthly Pension Of Rupees 3000 For Farmers Know Eligibility How To Apply Here

सिर्फ 55 रुपये जमा करें और हर महीने पाएं 3,000 रुपये पेंशन, पति-पत्नी दोनों को मिलेगा फायदा, जानें डिटेल्स