Agriculture News: केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि हाल के हफ्तों में उन्होंने देश के कई राज्यों का दौरा किया और प्रगतिशील किसानों, कृषि विशेषज्ञों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं, ग्रामीण उद्योगों और संबंधित राष्ट्रीय संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से व्यापक संवाद किया. इन चर्चाओं से मिले सुझावों को उन्होंने एक समग्र कृषि और ग्रामीण विकास दस्तावेज के रूप में तैयार कर वित्त मंत्री को सौंपा. वहीं, वित्त मंत्री के साथ बैठक के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार कृषि को लेकर आगामी बजट में कोई बड़ फैसला कर सकती है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी आम बजट किसानों और ग्रामीण समाज के लिए प्रेरक होगा और वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रधानमंत्री के ‘समृद्ध किसान, सशक्त गांव’ के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा.
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छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर जोर दिया
वहीं, मीडिया से बात करते हुए मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘लैब टू लैंड’ नीति के जरिए छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह पहल कृषि और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा देगी. विकसित भारत युवा नेताओं की वार्ता 2026 में उन्होंने बताया कि इस नीति से छोटे किसान सीधे तकनीकी नवाचार और आधुनिक कृषि पद्धतियों का लाभ उठा सकेंगे. नीति का मकसद कृषि शोध (लैब) और वास्तविक खेती (लैंड) के बीच दूरी कम करना है, ताकि वैज्ञानिक सीधे किसानों से जुड़ सकें.
हर गांव में समृद्धि और आत्मनिर्भरता पहुंचेगी
चौहान ने युवाओं से अपील की कि वे इस मिशन से जुड़ें और अपनी क्षमता व ऊर्जा का इस्तेमाल ग्रामीण विकास और कृषि वृद्धि में योगदान देने के लिए करें. उन्होंने कहा कि युवाओं की रचनात्मकता और उत्साह देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे. चौहान ने कहा कि मंत्रालय युवाओं के सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करेगा, ताकि उनकी सोच और आइडियाज सीधे शासन और विकास योजनाओं में असर डाल सकें. उन्होंने कहा कि रचनात्मक विचारों और टीमवर्क के माध्यम से हर गांव में समृद्धि और आत्मनिर्भरता पहुंचेगी.
भागीदारी की अपील और भरोसा
उन्होंने युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की और भरोसा दिलाया कि उनके योगदान को पहचाना जाएगा और देश के विकास व सतत विकास की दृष्टि में शामिल किया जाएगा. चौहान ने कहा कि जीवन व्यर्थ नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे उच्च उद्देश्य की प्राप्ति के लिए समर्पित करना चाहिए. उन्होंने प्रतिभाशाली युवाओं से अपने विचार साझा करने और नवाचार प्रस्तुत करने का भी आमंत्रण दिया.