गेहूं के साथ लहसुन फसल के लिए भी बीमा सुविधा शुरू, 30 हजार किसानों ने उठाया मुफ्त सेवा का लाभ 

कृषि अधिकारी ने कहा कि किसानों को फसल बीमा पॉलिसी के बारे में सीधी जानकारी देने के लिए "मेरी पॉलिसी मेरे हाथ" कैंपेन 15 मार्च 2026 तक चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस कैंपेन के तहत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधि किसानों के घर जाकर उन्हें फसल बीमा पॉलिसी दे रहे हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 8 Mar, 2026 | 05:25 PM

प्राकृतिक रूप से फसलों को नुकसान होने से बचाने के लिए किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दी जा रही है. हिमाचल प्रदेश में गेहूं फसल के साथ ही लहसुन और अन्य फसलों के लिए भी बीमा सुविधा दी जा रही है. राज्य सरकार की ओर से जिलावार और ब्लॉक स्तर पर लोकमित्र सेंटर्स की स्थापना की है, जहां पर किसानों को फसल बीमा का लाभ देने के लिए मुफ्त में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं. वहीं, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है.

किसानों के घर पहुंचाई जा रही फसल बीमा पॉलिसी

हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” कैंपेन के तहत किसानों को उनके घर तक फसल बीमा पॉलिसी पहुंचाई जा रही हैं. बिलासपुर के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर कुलभूषण धीमान ने पीटीआई से कहा कि किसान अपनी फसलों का बीमा कराकर होने वाले आर्थिक नुकसान से बचने की तैयारी अभी कर लें. उन्होंने कहा कि मौसम या प्राकृतिक रूप से फसल नुकसान की भरपाई योजना के जरिए की जाएगी. इससे किसान को वित्तीय नुकसान नहीं होगा.

15 मार्च तक चलेगा फसल बीमा अभियान

कृषि अधिकारी ने कहा कि किसानों को फसल बीमा पॉलिसी के बारे में सीधी जानकारी देने के लिए “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” कैंपेन 15 मार्च 2026 तक चलाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि इस कैंपेन के तहत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधि किसानों के घर जाकर उन्हें फसल बीमा पॉलिसी दे रहे हैं, ताकि उन्हें उनके बीमा के बारे में पूरी जानकारी समय पर मिल सके.

30 हजार गेहूं और लहसुन किसानों ने कराया फसलों का बीमा

कुलभूषण धीमान ने कहा कि इस स्कीम के तहत अकेले बिलासपुर जिले के 30,975 किसानों ने अपनी गेहूं और लहसुन की फसलों का बीमा कराया है. इन किसानों को उनकी बीमा पॉलिसी मिल रही हैं. अब तक, इस कैंपेन के तहत 9,585 किसानों को उनकी बीमा पॉलिसी मिल चुकी हैं. राज्य जिले में लगभग 3,150 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं और लहसुन की खेती की गई है. जबकि, अन्य फसलें भी किसानों ने की हैं.

पीएम किसान सम्मान निधि के लिए एग्रीस्टैक पर रजिस्ट्रेशन जरूरी

कृषि अधिकारी ने कहा कि सभी इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर्स और दूसरे किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान के तौर पर रजिस्टर करना जरूरी है, ताकि वे डिपार्टमेंटल और दूसरी सरकारी स्कीम्स जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का फायदा उठा सकें.  जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 64,285 किसान रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए यह रजिस्ट्रेशन लोकमित्र सेंटर पर फ्री में किया जा रहा है.

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