केरल में बीते सप्ताह भर से जारी भारी बारिश और भूस्खलन से भयंकर नुकसान हुआ है. कई जिलों में किसानों की फसलें तबाह हुई हैं तो वहीं गांवों में घर ढह गए हैं. जबकि, अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 से ज्यादा लोग लापता हैं. इस बीच केरल सरकार ने पीड़ितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर दी है. इसके तहत घरों के नुकसान के लिए भरपाई, फसलों का मुआवजा समेत अन्य नुकसान की भरपाई की जाएगी. आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 8 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है. बता दें कि राज्य में बाढ़ बारिश से 23 हजार किसानों को नुकसान पहुंचा है. जबकि, 1882 हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं.
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मानसून से प्रभावित परिवारों के लिए बुधवार को कई राहत उपायों की घोषणा की. इनमें वर्षा से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों, घर और संपत्ति खोने वाले लोगों के लिए बढ़ा हुआ मुआवजा भी शामिल है. मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, 11 लोग घायल हुए हैं और चार लोग अब भी लापता हैं.
बाढ़-बारिश से 27 हजार से ज्यादा लोग बेघर
कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य भर में अभी 462 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से बेघर हुए 27,048 लोगों को आश्रय दिया गया है. सबसे ज्यादा राहत कैंप पथानामथिट्टा (157), कोट्टायम (154) और अलाप्पुझा (81) में हैं, जबकि बाकी जिलों में हर जगह 10 से कम कैंप हैं.
आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों को 8 लाख रुपये सहायता
प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को कुल 8 लाख रुपये मदद देने की घोषणा की गई है. यह राशि एसडीआरएफ, सीएमआरएफ और पीएमएनआरएफ के जरिए दी जाएगी. वहीं, मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को त्वरित रूप से 10,000 रुपये जारी किए गए हैं.
घर और जमीन नुकसान पर 12 लाख रुपये की मदद
भूस्खलन और बाढ़ में घर, जमीन और फसल गंवाने वाले परिवारों के लिए सहायता राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है. पूरी तरह नष्ट हुए मकानों को दोबारा बनाने के लिए मदद 4 लाख रुपये से बढ़ाकर राशि 6 लाख रुपये कर दी गई है. वहीं, किसानों की फसलों के नुकसान की राशि की घोषणा अभी नहीं की गई है. नुकसान आकलन के बाद फसल नुकसान की भरपाई के लिए राशि दी जाएगी.
त्वरित मदद के लिए 10 हजार राशि दी जा रही
तत्काल सहायता के रूप में राहत शिविरों से घर लौटने वाले परिवारों को घरों की सफाई के लिए 10,000 रुपये की तुरंत आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों में पानी घुस गया है, इससे भारी नुकसान हुआ है. घर पहुंचने पर मलबे की सफाई और मरम्मत कार्यों के लिए पीड़ितों को तुरंत सहायता राशि दी जा रही है.
23 हजार किसानों को नुकसान, 1882 हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 1,882 हेक्टेयर खेती की जमीन पर फसल को नुकसान पहुंचा है, जिससे 23,537 किसान प्रभावित हुए हैं. खेती के नुकसान का शुरुआती अनुमान 67.44 करोड़ रुपये है, और अंतिम आकलन के बाद यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है.
लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया
राज्य के कई हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश जारी रही जिससे सड़कों पर बड़े पैमाने पर जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. अधिकारियों ने बताया कि और राहत शिविर खोले गए हैं तथा निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.