मालदा आम की पैदावार में बंपर इजाफे की उम्मीद, 6 देशों में होगा 250 टन निर्यात.. तैयारी पूरी

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मालदा आम की खेती की जाती है. इसे 'मैंगो सिटी' भी कहा जाता है. यह आम की खेती के लिए काफी मशहूर है. यहां करीब 31,000 हेक्टेयर इलाके में आम उगाए जाते हैं. हर साल यहां लगभग 3.5 से 5 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 2 May, 2026 | 12:15 PM

Malda Mango: पश्चिम बंगाल में इस साल मालदा आम की बंपर पैदावार की उम्मीद है. इससे मालदा आम के निर्यात में बढ़ोतरी भी होगी. पश्चिम बंगाल के बागवानी विभाग का कहना है कि पिछले साल के मालदा आमों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था. ऐसे में इस साल निर्यात को लेकर तैयारी और भी बेहतर की गई है. उम्मीद है कि इस साल 250 मीट्रिक टन से ज्यादा मालदा आम विदेशों में निर्यात किया जा सकता है. इससे किसानों की बेहतर कमाई होगी.

राज्य के बागवानी और फूड प्रोसेसिंग विभाग के मुताबिक, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH) के साथ मिलकर 60 चुने हुए बागानों में खास तौर पर एक्सपोर्ट क्वालिटी के आम उगाए जा रहे हैं. इन आमों को स्कॉटलैंड, यूनाइटेड किंगडम, यूएई, भूटान और कई अन्य देशों में भेजने की योजना है. मालदा के राज्य बागवानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर समंता लायक ने ‘द टेलीग्राफ ऑनलाइन’ से कहा कि पिछले साल जिले से करीब 15 मीट्रिक टन आम विदेशों में भेजे गए थे और वहां के खरीदारों से बहुत अच्छा फीडबैक मिला था. इस साल निर्यात में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है और लगभग 250 से 300 मीट्रिक टन आम यूरोप और एशिया  के बाजारों में भेजे जा सकते हैं.

जून से शुरू होगा मालदा आम का निर्यात

उन्होंने कहा कि मालदा के आम देर से पकते हैं, इसलिए इनका निर्यात जून से शुरू होगा. उन्होंने बताया कि करीब 70 हेक्टेयर में फैले आम के बागानों को खास तौर पर एक्सपोर्ट क्वालिटी के फल उगाने के लिए चुना गया है. इन बागानों में आमों को ढकने के लिए एक खास तरह का पेपर रैपर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनका रंग और क्वालिटी बनी रहे.

किसानों को खास सलाह दी गई

लायक ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने में CISH का अहम सहयोग मिल रहा है. साथ ही, स्थानीय किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेती से लेकर पैकेजिंग तक किसी भी चरण में केमिकल कीटनाशकों या अन्य कृत्रिम पदार्थों का इस्तेमाल न करें, ताकि आम निर्यात  के सभी नियमों पर खरे उतर सकें. मालदा मैंगो मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्जल साहा ने एक चिंता जताई है.

अवैध रूप से प्लॉट बनाकर बेच रहे हैं

उन्होंने कहा कि आम की खेती में मुनाफा घटने की वजह से कुछ बागान मालिक अपने बागों की जमीन को अवैध रूप से प्लॉट बनाकर बेच रहे हैं. लेकिन ऐसे प्रयास, जो निर्यात के स्थिर मौके देते हैं, किसानों को अपने बाग बचाने और बेहतर क्वालिटी के आम उगाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस साल मालदा में करीब 3.25 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होने की उम्मीद है, जो पिछले वर्षों की तरह एक स्थिर औसत को बनाए रखेगा.

मालदा जिले में मालदा आम की खेती

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मालदा आम की खेती की जाती है. इसे ‘मैंगो सिटी’ भी कहा जाता है. यह आम की खेती  के लिए काफी मशहूर है. यहां करीब 31,000 हेक्टेयर इलाके में आम उगाए जाते हैं. हर साल यहां लगभग 3.5 से 5 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है. मालदा में 150 से ज्यादा किस्मों के आम मिलते हैं, जैसे फजली, हिमसागर और लंगड़ा, जो देश-विदेश में काफी लोकप्रिय हैं.

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Published: 2 May, 2026 | 12:04 PM
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