तमिलनाडु के इरोड बाजार में हल्दी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है. सोमवार को हल्दी का खरीद भाव बढ़कर करीब 20,000 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया. व्यापारियों का कहना है कि बाजार में हल्दी की मांग बढ़ने और सूखे की आशंका के कारण कीमतों में उछाल आया है. उनका मानना है कि अगर सूखे की स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में हल्दी के दाम और बढ़ सकते हैं.
इरोड हल्दी व्यापारी एवं गोदाम मालिक संघ के सचिव एम. सत्यमूर्ति ने ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा कि इरोड समेत कई हल्दी उत्पादक इलाकों में सूखे जैसे हालात हैं. इससे अगले साल हल्दी की बुवाई कम होने की आशंका है. इसी वजह से कई थोक व्यापारी अभी से हल्दी का स्टॉक जमा कर रहे हैं. मांग बढ़ने और आपूर्ति सीमित रहने के कारण बाजार में कीमतों में तेजी बनी हुई है.
मंडियों में हल्दी की आवक हुई कम
व्यापारियों के अनुसार, तमिलनाडु के इरोड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र की प्रमुख मंडियों में इस समय हल्दी की आवक कम है. इसकी वजह यह है कि नई हल्दी की आवक का सीजन खत्म हो चुका है. आमतौर पर ताजा हल्दी की मंडियों में आवक फरवरी से जून के बीच होती है. अब नई फसल की आवक फरवरी 2027 से शुरू होने की उम्मीद है. इरोड हल्दी व्यापारी एवं गोदाम मालिक संघ के सचिव एम. सत्यमूर्ति ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो हल्दी की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा. लेकिन यदि बारिश नहीं हुई और सूखे की स्थिति गंभीर हुई, तो हल्दी के दाम और बढ़ सकते हैं.
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19 जून को भाव 15199 रुपये प्रति क्विंटल था
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, फिंगर वैरायटी हल्दी का भाव 19 जून को 15,199 रुपये प्रति क्विंटल था, जो सोमवार को बढ़कर 19,779 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया. वहीं, 20 अप्रैल को इसका भाव करीब 14,000 रुपये प्रति क्विंटल था. बाजार सूत्रों के अनुसार, हल्दी की ‘बल्ब’ वैरायटी के दाम में भी तेज बढ़ोतरी हुई है. 20 अप्रैल को इसका भाव 14,000 रुपये प्रति क्विंटल था, जो बढ़कर सोमवार को 17,632 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया.
बढ़ी हुई कीमतों का पूरा फायदा नहीं मिला
लोअर भवानी सिंचाई किसान कल्याण संघ के अध्यक्ष सी. नल्लासामी ने कहा कि हल्दी के दाम बढ़ना किसानों के लिए अच्छी खबर है. हालांकि, उन्होंने बताया कि ज्यादातर स्थानीय किसान अपना स्टॉक पहले ही बेच चुके हैं, इसलिए बढ़ी हुई कीमतों का पूरा फायदा उन्हें नहीं मिल पाएगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल बाजार में हल्दी की मांग काफी अधिक है, जिसके कारण कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है.
किसान पर्याप्त मात्रा में हल्दी की खेती नहीं कर पा रहे हैं
तमिलनाडु स्मॉल एंड माइक्रो फार्मर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के.आर. सुदंधिरारासु ने कहा कि मौजूदा समय में अल नीनो का खतरा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि भले ही इस समय हल्दी के दाम अच्छे मिल रहे हैं, लेकिन पानी की कमी के कारण किसान पर्याप्त मात्रा में हल्दी की खेती नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसानों को ज्यादा फायदा नहीं होगा. सबसे अधिक लाभ उन बड़े व्यापारियों को मिलेगा, जिन्होंने पहले से हल्दी का स्टॉक जमा कर रखा है. बता दें कि इससे पहले 2024 में हल्दी का खरीद भाव 21,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गया था.