तमिलनाडु में पशु आहार की किल्लत, महंगे रेट पर खरीदने पड़ रहे चारे.. Aavin ने कम किया प्रोडक्शन

तमिलनाडु की दुग्ध सहकारी संस्था Aavin के पशु चारा और मिनरल मिक्सचर प्लांट अपनी क्षमता से काफी कम उत्पादन कर रहे हैं. इससे डेयरी किसानों को निजी कंपनियों से महंगे दाम पर चारा खरीदना पड़ रहा है. पशु चारा और मिनरल मिक्सचर की कीमत बढ़ने से दूध उत्पादन लागत भी बढ़ी है. किसान सब्सिडी और नियमित सप्लाई की मांग कर रहे हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 10 Aug, 2026 | 12:38 PM

Tamil Nadu News: तमिलनाडु की दुग्ध सहकारी संस्था Aavin के पशु चारा और मिनरल मिक्सचर प्लांट अपनी क्षमता से काफी कम उत्पादन कर रहे हैं. इसके चलते डेयरी किसानों को निजी कंपनियों से महंगे दाम पर पशु चारा और मिनरल मिक्सचर खरीदना पड़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन की लागत बढ़ रही है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, Aavin के तीन पशु चारा प्लांटों की कुल उत्पादन क्षमता हर महीने 19,500 टन है. लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में इन प्लांटों में औसतन करीब 5,500 टन चारा ही तैयार हुआ. यानी प्लांटों की क्षमता का सिर्फ 28 फीसदी इस्तेमाल हो रहा है.

इसी तरह Aavin के पांच मिनरल मिक्सचर प्लांटों की कुल क्षमता 1,800 टन प्रति माह है, लेकिन 2025-26 में इनसे हर महीने केवल 42 से 45 टन उत्पादन हुआ. यह कुल क्षमता के 3 फसदी से भी कम है. हरे चारे के बीजों की नियमित सप्लाई नहीं होने से Aavin से जुड़े दूध उत्पादकों  और दूसरे डेयरी किसानों को परेशानी हो रही है. उन्हें पशु चारा और पोषण सप्लीमेंट निजी कंपनियों से महंगे दाम पर खरीदने पड़ रहे हैं. इससे दूध उत्पादन की लागत बढ़ रही है.

मिनरल मिक्सचर की कीमत करीब 30 फीसदी बढ़ गई

डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पशुओं के बेहतर विकास और दूध उत्पादन के लिए पशु चारा और मिनरल मिक्सचर  की नियमित सप्लाई जरूरी है. इससे दूध में SNF यानी फैट के अलावा ठोस पदार्थ और फैट का स्तर बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिलती है. वेल्लोर के दूध उत्पादक एस. राधामानालन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पशु चारा और मिनरल मिक्सचर की कीमत करीब 30 फीसदी बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि पशुओं की जरूरत के हिसाब से मिनरल मिक्सचर 125 से 250 रुपये प्रति किलो तक खरीदना पड़ रहा है. अगर इसे 60-70 फीसदी सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाए, तो दूध उत्पादन की लागत कम करने में मदद मिलेगी.

पशु चारा प्लांटों की उत्पादन क्षमता 300-300 टन प्रतिदिन

Aavin के एरोड और पुदुकोट्टई (तंजावुर) स्थित पशु चारा प्लांटों की उत्पादन क्षमता 300-300 टन प्रतिदिन है. वहीं, विरुधुनगर प्लांट की क्षमता 50 टन प्रतिदिन है. तीनों प्लांट मिलकर हर महीने 19,500 टन पशु चारा बना सकते हैं. इन प्लांटों को स्थापित करने में सरकार ने NABARD के ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास फंड समेत अन्य स्रोतों से 120 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं.

एरोड प्लांट में आधी क्षमता पर हो रहा चारा उत्पादन

Aavin के एरोड, विल्लुपुरम, तिरुचि, तूतीकोरिन और कृष्णागिरी में पांच मिनरल मिक्सचर प्लांट भी हैं. प्रत्येक प्लांट की क्षमता 12 टन प्रतिदिन यानी 360 टन प्रति माह है. इस तरह पांचों प्लांटों की कुल क्षमता 1,800 टन प्रति माह है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पशु चारा प्लांटों की क्षमता और वास्तविक उत्पादन में बड़ा अंतर है. एरोड प्लांट की क्षमता 9,000 टन प्रति माह है, लेकिन यहां सिर्फ 4,400 से 4,800 टन उत्पादन हो रहा है. पुदुकोट्टई प्लांट की क्षमता 9,000 टन है, जबकि उत्पादन करीब 500 से 530 टन ही है. वहीं, विरुधुनगर प्लांट की क्षमता 1,500 टन प्रति माह है, लेकिन यहां करीब 150 टन ही उत्पादन हो रहा है.

दूध उत्पादन की लागत 55 से 60 रुपये प्रति लीटर

मई में एरोड प्लांट ने सिर्फ 15 टन, विल्लुपुरम ने 5 टन, तूतीकोरिन ने 3.5 टन और कृष्णागिरी प्लांट ने 18.5 टन मिनरल मिक्सचर तैयार किया. वहीं, तिरुचि प्लांट में पूरे महीने एक भी टन उत्पादन नहीं हुआ. तमिलनाडु मिल्क प्रोड्यूसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एमजी राजेंद्रन ने कहा कि सरकार को प्रति लीटर दूध की वास्तविक उत्पादन लागत जानने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन कराना चाहिए. उनके मुताबिक दूध उत्पादन की लागत 55 से 60 रुपये प्रति लीटर है, जबकि किसानों को गाय के दूध के लिए सिर्फ 38 रुपये और भैंस के दूध के लिए 47 रुपये प्रति लीटर मिल रहे हैं.

 

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Published: 10 Aug, 2026 | 12:36 PM

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