Arunachal Flood Crisis: बाढ़ के पानी में डूबे 425 गांव.. मवेशी बहे, 541 हेक्टेयर फसल बर्बाद

Flood Crisis : अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से सोमवार को कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सड़कें, पुल क्षतिग्रस्त होने से सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. ग्रामीण बुनियादी ढांचा चरमरा गया है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 13 Jul, 2026 | 03:20 PM

मॉनसूनी बारिश से उफनाई नदियों का पानी अरुणाचल प्रदेश के सभी जिलों के लिए मुसीबत बन गया है. भयंकर बाढ़ झेल रहे 25 जिलों के 425 गांव पानी में डूबे हुए हैं. इन गांवों को जाने वाली सड़कें बह गई हैं और पुल धंस गए हैं. बाढ़ से ग्रामीण इलाकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और 97 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ संकट का सामना कर रहे हैं. किसानों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है. बाढ़ के पानी में दर्जनों की संख्या में मवेश बह गए हैं और 541 हेक्टेयर से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गई हैं. जबकि, 1 हजार हेक्टेयर से ज्यादा वनीय क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है.

बाढ़ से ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सर्वाधिक नुकसान

अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से सोमवार को कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि सड़क संपर्क बाधित होने के साथ ही सार्वजनिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है. राज्य में जारी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है.

कुमे नदी की बाढ़ में बहे पुल, चर्च और मकान ढहे

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने बताया कि सोमवार तड़के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कुमे नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कुरुंग कुमे जिले के परसी पारलो सर्किल और डामिन उपखंड में भारी नुकसान हुआ है. बयान के अनुसार डामिन उपखंड में हुरी और डामिन को जोड़ने वाला पुल बह गया, जिससे सड़क संपर्क टूट गया. वहीं, परसी-पारलो सर्किल में निरीक्षण बंगला जलमग्न हो गया, दो आवासीय मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा, एक चर्च क्षतिग्रस्त हो गया और पगाम गांव को जोड़ने वाला पुल बह गया.

भूस्खलन से हाइवे, सुरंग धंसने से रास्ता बंद

पक्के केसांग जिले में सोमवार को पकरो गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर बड़े भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया. जिला अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित हिस्से की बहाली में दो से तीन दिन लग सकते हैं. जिला प्रशासन ने अगले आदेश तक यात्रियों को ईटानगर-सेप्पा मार्ग पर यात्रा करने से बचने की सलाह दी है. पश्चिम कामेंग जिले में भारी बारिश के कारण सेला सुरंग की ओर जाने वाली सड़क का एक हिस्सा बह गया. वहीं, पापुम पारे जिले में शिव मंदिर के पास भूस्खलन के बाद पोतिन-किमिन मार्ग रविवार शाम से बंद है.

Arunachal Flood Crisis

अरुणाचल में बाढ़ का कहर. (वीडियो ग्रैब)

425 गांवों में बाढ़, 541 हेक्टेयर फसल चौपट

अरुणाचल प्रदेश के सभी 26 जिलों के 425 गांवों में बाढ़ से कुल 97,182 लोग प्रभावित हुए हैं. आपदा से कृषि और सार्वजनिक ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है. कुल 541.75 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है, फसलें पानी में डूबकर चौपट हो गई हैं. वहीं, किसानों के दर्जनों की संख्या में मवेशी बाढ़ में बह गए हैं. वहीं, करीब 1,010 हेक्टेयर वन क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा है.

बाढ़ की भेंट चढ़ीं 150 सड़कें और 19 पुल

बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान में 150 सड़कों, 19 पुलों, 21 पुलियों, 221 जलापूर्ति प्रणालियों, 58 सरकारी भवनों, 156 बिजली लाइनों, 224 बिजली खंभों, 10 जलविद्युत परियोजनाओं, दो अस्पतालों और तीन स्कूलों को पहुंचा नुकसान शामिल है. राज्यभर में सैकड़ों मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.

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Published: 13 Jul, 2026 | 03:18 PM

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