खेती करना चाहते हैं तो पैसे दे रही सरकार, हरी मिर्च उगाने के लिए मिलेंगे 24 हजार रुपये, ऐसे उठाएं लाभ

हरी मिर्च की खेती किसानों के लिए बेहतर कमाई का विकल्प बन सकती है. बिहार सरकार का कृषि विभाग इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रति हेक्टेयर ₹24,000 तक की सहायता दे रहा है. सही तकनीक अपनाकर किसान कम लागत में अच्छी पैदावार और बेहतर मुनाफा हासिल कर सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 16 Jul, 2026 | 11:17 AM

Green Chilli Farming: अगर आप कम समय में अच्छी आमदनी देने वाली फसल की तलाश कर रहे हैं, तो हरी मिर्च की खेती आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. बाजार में इसकी सालभर मांग बनी रहती है और सही तकनीक अपनाने पर किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार सरकार का कृषि विभाग भी हरी मिर्च की खेती को बढ़ावा दे रहा है. विभाग की ओर से किसानों को प्रति हेक्टेयर 24,000 रुपये तक का सहायता अनुदान दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती कर बेहतर आय अर्जित कर सकें.

हरी मिर्च की खेती क्यों है फायदेमंद?

बिहार सरकार के कृषि विभाग के अनुसार हरी मिर्च  एक ऐसी नकदी फसल है जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. होटल, रेस्तरां, सब्जी मंडियों और खाद्य उद्योगों में इसकी लगातार जरूरत रहती है. यही कारण है कि किसानों को इसका अच्छा बाजार मूल्य मिलता है. यह फसल अपेक्षाकृत कम समय में तैयार हो जाती है और कम लागत में बेहतर उत्पादन देकर किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती है. यदि किसान उन्नत तकनीकों का उपयोग करें तो प्रति हेक्टेयर उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं.

सरकार दे रही 24,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता

कृषि विभाग, बिहार सरकार किसानों को हरी मिर्च की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. विभाग के अनुसार इस फसल की खेती पर किसानों  को प्रति हेक्टेयर 24,000 रुपये तक का सहायता अनुदान दिया जा रहा है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को नकदी फसलों की ओर आकर्षित करना, खेती की लागत कम करना और उनकी आय में वृद्धि करना है. इच्छुक किसान योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.

अच्छी पैदावार के लिए अपनाएं ये वैज्ञानिक तरीके

कृषि विभाग किसानों को उन्नत किस्म के बीजों का चयन  करने की सलाह देता है. पौधों की रोपाई 45 से 60 सेंटीमीटर पौधे से पौधे की दूरी तथा 60 से 75 सेंटीमीटर लाइन से लाइन की दूरी पर करनी चाहिए. इससे पौधों का विकास बेहतर होता है और उत्पादन बढ़ता है. इसके साथ ही संतुलित उर्वरकों का प्रयोग, समय-समय पर सिंचाई तथा रोग एवं कीटों का वैज्ञानिक प्रबंधन करना जरूरी है. वैज्ञानिक खेती अपनाने से गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है.

कृषि विभाग की अपील

बिहार सरकार के कृषि विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने  की अपील की है. विभाग का कहना है कि हरी मिर्च जैसी नकदी फसलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. नियमित देखभाल, उन्नत तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किसान कम लागत में अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए किसान अपने प्रखंड या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. कृषि विभाग का संदेश है-वैज्ञानिक खेती अपनाएं, आत्मनिर्भर बनें और खुशहाल रहें.

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