हिमाचल में भांग की खेती की नीति लागू, किसानों को 1 हजार रुपये शुल्क पर उगाने की अनुमति

हिमाचल सरकार ने नियमों के तहत भांग की खेती नीति को लागू कर दिया है. नियमानुसार किसानों को खेती की अनुमति दी जाएगी और निगरानी की जाएगी. भांग से दवाइयों, कॉस्मेटिक्स और हैंडलूम उत्पादों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने का दावा किया गया है.

Kisan India
नोएडा | Published: 9 Sep, 2026 | 02:19 PM

हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती को लेकर सरकार की नीति लागू हो गई है. कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा है कि किसानों को एक हजार रुपये प्रति बीघा शुल्क पर भांग की खेती की अनुमति दी जा रही है. उन्होंने कहा कि भांग का इस्तेमाल नशीले पदार्थ के तौर पर नहीं, बल्कि दवाइयों और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ किसानों की आर्थिकी और प्रदेश के राजस्व को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

भांग की खेती को औषधीय उपयोग के लिए बढ़ावा मिलेगा

विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कुल्लू में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने भांग की खेती को लेकर नीति लागू की है. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गठित कमेटी में विभिन्न दलों के विधायकों ने भांग की खेती को औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए बढ़ावा देने का समर्थन किया था.

सुंदर सिंह ठाकुर के मुताबिक भांग से अल्जाइमर, कैंसर, ट्यूमर सहित विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के निर्माण की संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कई दवाइयां दूसरे देशों से आती हैं, लेकिन भविष्य में बड़ी फार्मा कंपनियों के प्लांट स्थापित होने से प्रदेश में ही इनके निर्माण को बढ़ावा मिल सकता है.

कॉस्मेटिक्स और हैंडलूम उत्पाद में भी इस्तेमाल होगा

उन्होंने कहा कि भांग का इस्तेमाल केवल दवाइयों तक सीमित नहीं रहेगा. इससे कॉस्मेटिक्स और हैंडलूम उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं. रस्सी, कपड़ा, जूते और शॉल जैसे उत्पादों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है. विधायक ने कहा कि CBD से संबंधित औषधीय उत्पादों के लिए बड़े निवेश की संभावना है और भविष्य में बड़ी कंपनियां प्रदेश में यूनिट स्थापित कर सकती हैं.

किसानों की आर्थिकी मजबूत करने का माध्यम बनेगी भांग की खेती

सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की अनुमति और निर्धारित नियमों के तहत भांग की खेती ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी मजबूत करने का माध्यम बन सकती है. साथ ही इससे प्रदेश सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि खेती का उद्देश्य नशीले पदार्थों का उत्पादन नहीं, बल्कि औषधीय और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा देना है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़