Drip Irrigation: एक लाख का सिंचाई सिस्टम अब सिर्फ 10 हजार में, किसान आज ही करें आवेदन

झारखंड सरकार किसानों को आधुनिक खेती अपनाने के लिए ड्रिप इरिगेशन सिस्टम पर 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है. इससे कम पानी में पूरे खेत की सिंचाई आसान हो जाएगी और उत्पादन बढ़ेगा. किसान कम खर्च में नई तकनीक अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं और खेती को ज्यादा लाभदायक बना सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 17 Feb, 2026 | 03:37 PM

Drip Irrigation System Subsidy: खेती में सबसे बड़ी चिंता पानी और मेहनत की होती है. कई बार पानी की कमी या ज्यादा सिंचाई से फसल को नुकसान हो जाता है. ऐसे में अब किसानों के लिए राहत भरी खबर है. झारखंड सरकार ड्रिप इरिगेशन सिस्टम पर भारी सब्सिडी दे रही है, जिससे आधुनिक तकनीक से खेती करना आसान हो जाएगा. यह सिस्टम कम पानी में ज्यादा उत्पादन देने में मदद करता है और किसानों की लागत भी घटाता है. सरकार की इस पहल से छोटे और सीमांत किसान भी नई तकनीक अपनाकर खेती को ज्यादा लाभदायक बना सकते हैं.

एक बटन दबाते ही पूरे खेत में सिंचाई

ड्रिप इरिगेशन सिस्टम  आधुनिक सिंचाई तकनीक पर आधारित है. इसमें पाइपलाइन, ड्रिपर, कंट्रोल वाल्व और फर्टिलाइजर टैंक लगाया जाता है. इस तकनीक की खास बात यह है कि पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है. सिस्टम में लगा कंट्रोलर यह तय करता है कि खेत में कितना पानी  और कितनी देर तक देना है. किसान सिर्फ एक बटन दबाकर पूरे खेत में समान सिंचाई कर सकता है. इससे जलभराव की समस्या नहीं होती और पानी की बर्बादी भी कम होती है.

1 लाख का सिस्टम अब सिर्फ 10 हजार में

ड्रिप इरिगेशन सिस्टम की सामान्य लागत प्रति एकड़ लगभग 60 हजार से 1.20 लाख रुपये तक होती है. लेकिन सरकार की सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत किसानों को करीब 90 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा है. इसका मतलब है कि किसान को केवल 5 से 10 हजार रुपये खर्च करने होंगे. इतनी कम लागत में आधुनिक सिंचाई  तकनीक मिलना किसानों के लिए बड़ा मौका माना जा रहा है. यह सिस्टम खासकर सब्जी, फल और बागवानी फसलों जैसे टमाटर, मिर्च, गोभी, तरबूज, आम, अमरूद और पपीता की खेती के लिए बहुत उपयोगी है. इससे पानी की बचत होती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है.

इंस्टॉलेशन और ट्रेनिंग भी दे रही सरकार

इस योजना की खास बात यह है कि सरकार केवल मशीन नहीं दे रही, बल्कि पूरी व्यवस्था तैयार करवा रही है. चयनित कंपनी खेत में आकर ड्रिप सिस्टम इंस्टॉल करती है और किसानों को इसे चलाने की ट्रेनिंग भी देती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक से 40 से 60 प्रतिशत तक पानी की बचत और 20 से 40 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ सकता है. इससे खेती कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा देने  वाली बन सकती है.

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, भूमि रसीद या खतियान, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और किसान रजिस्ट्रेशन शामिल हैं. किसान प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय, प्रज्ञा केंद्र  या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन स्वीकृत होने के बाद खेत में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगा दिया जाएगा. झारखंड जैसे वर्षा पर निर्भर राज्य में यह योजना किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकती है. कम पानी में बेहतर उत्पादन और कम लागत वाली खेती से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं. सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से जुड़ें और आधुनिक खेती अपनाएं.

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