Groundnut Farming: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान मूंगफली की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं. बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे के लिए सही किस्म का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और समय पर बुवाई बेहद जरूरी मानी जाती है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, यदि किसान उन्नत किस्मों का चयन कर वैज्ञानिक तरीके से खेती करें तो मूंगफली से अच्छी उपज और बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं.
मूंगफली की खेती में सही किस्म का चयन है सबसे जरूरी
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, मूंगफली की फसल में किस्म का चुनाव उत्पादन को सीधे प्रभावित करता है. वर्तमान समय में कई ऐसी उन्नत किस्में उपलब्ध हैं जो कम अवधि में तैयार होने के साथ अधिक पैदावार देने की क्षमता रखती हैं. इनमें टीएजी-73 (TAG-73), जीजी-40, जीजी-39, जीजी-37, जीजी-23, नित्य हरिता (टीसीजीसी-1157) और कादरी लेपाक्षी (के-1812) प्रमुख हैं. ये किस्में कई सामान्य रोगों के प्रति सहनशील मानी जाती हैं और इनके दानों में तेल की मात्रा भी अच्छी पाई जाती है.
डीएपी की जगह एसएसपी का उपयोग अधिक फायदेमंद
मूंगफली की फसल में उर्वरक प्रबंधन का विशेष महत्व होता है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार बताते हैं कि मूंगफली के लिए सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) का उपयोग अधिक लाभकारी माना जाता है. एसएसपी में फास्फोरस के साथ सल्फर भी उपलब्ध होता है, जो फसल की वृद्धि और दानों के विकास में मदद करता है. वहीं फसल की बढ़वार के दौरान आवश्यकता अनुसार टॉप ड्रेसिंग के रूप में यूरिया का प्रयोग किया जा सकता है. संतुलित मात्रा में खाद देने से पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है.
समय पर बुवाई से बढ़ती है पैदावार
मूंगफली की अच्छी फसल के लिए समय पर बुवाई बेहद महत्वपूर्ण है. विशेषज्ञों के अनुसार, पहली अच्छी बारिश मिलने के बाद खेत की तैयारी कर बुवाई शुरू कर देनी चाहिए. खेत में पर्याप्त नमी होने पर बीजों का अंकुरण अच्छा होता है और पौधों का विकास समान रूप से होता है. देरी से बुवाई करने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है, इसलिए मौसम की स्थिति को देखते हुए सही समय पर बुवाई करना जरूरी है.
बीज उपचार से मिलेगा रोग और कीटों से बचाव
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार किसानों को सलाह देते हैं कि वे हमेशा प्रमाणित स्रोतों से बीज खरीदें और बुवाई से पहले बीज उपचार अवश्य करें. बीज उपचार से फसल को शुरुआती रोगों और कीटों के हमले से बचाने में मदद मिलती है. इसके अलावा स्वस्थ पौधों की संख्या बढ़ती है और उपज में सुधार होता है. वैज्ञानिक खेती की इन तकनीकों को अपनाकर किसान मूंगफली की खेती से बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा हासिल कर सकते हैं.