मूंगफली किसानों की लग सकती है लॉटरी! नई फसल पर 70 रुपये किलो तक भाव मिलने के संकेत

मूंगफली की बुवाई से पहले किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है. TNAU के 25 साल के बाजार विश्लेषण के अनुसार आगामी कटाई सीजन में मूंगफली का भाव 65-70 रुपये प्रति किलो रह सकता है. विश्वविद्यालय ने किसानों को इसी आधार पर बुवाई की योजना बनाने की सलाह दी है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 23 Aug, 2026 | 05:24 PM

मूंगफली की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने आगामी कटाई सीजन के लिए मूंगफली का प्री-सोइंग मूल्य पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि नई फसल के दौरान बाजार भाव 65 से 70 रुपये प्रति किलो के आसपास रहने की संभावना है. यह अनुमान पिछले 25 वर्षों के मंडी आंकड़ों और बाजार सर्वेक्षण के आधार पर तैयार किया गया है. विश्वविद्यालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे बुवाई की योजना बनाते समय इस मूल्य संकेत को भी ध्यान में रखें.

25 वर्षों के आंकड़ों से तैयार हुआ मूल्य पूर्वानुमान

बिजनेसलाइन के अनुसार, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट स्टडीज़ (CARDS) की डोमेस्टिक एंड एक्सपोर्ट मार्केट इंटेलिजेंस सेल (DEMIC) ने यह रिपोर्ट तैयार की है. इसके लिए टिंडीवनम और सेवूर विनियमित मंडियों में पिछले 25 वर्षों के मूंगफली मूल्य रुझानों  का विश्लेषण किया गया. साथ ही व्यापारियों, किसानों और बाजार से जुड़े हितधारकों के बीच सर्वेक्षण भी किया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि फसल बोने से पहले मूल्य का अनुमान मिलने से किसान उत्पादन और विपणन की बेहतर रणनीति बना सकते हैं. इससे बाजार जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है.

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मूंगफली उत्पादक

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वर्ष 2024-25 में 57.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती की और 119.42 लाख टन उत्पादन दर्ज किया. इस दौरान औसत उत्पादकता 2,073 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रही. भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मूंगफली उत्पादक  देश है और गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं. घरेलू खपत के साथ-साथ खाद्य तेल और निर्यात बाजार में भी मूंगफली की मजबूत मांग बनी हुई है.

2025-26 में बढ़ा रकबा, लेकिन मानसून बना चुनौती

मंत्रालय के अनुसार, चालू 2025-26 सीजन में मूंगफली का रकबा 3.17 प्रतिशत बढ़ा है. इससे उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि हाल के मानसूनी उतार-चढ़ाव से कुछ क्षेत्रों में फसल प्रभावित हो सकती है. यदि वर्षा का असमान वितरण जारी रहता है, तो नई फसल की मंडियों में आवक अपेक्षा से कम रह सकती है. ऐसी स्थिति में बाजार में कीमतों  को समर्थन मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.

किसानों के लिए क्या है सलाह?

बिजनेसलाइन के अनुसार, TNAU ने किसानों से कहा है कि वे केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता वाली उपज  तैयार करने पर भी ध्यान दें. बेहतर गुणवत्ता की मूंगफली को मंडियों और प्रोसेसिंग उद्योग में अधिक कीमत मिलने की संभावना रहती है. हालांकि विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि 65-70 रुपये प्रति किलो का भाव एक मूल्य पूर्वानुमान है. वास्तविक बाजार मूल्य स्थानीय मांग, उत्पादन, गुणवत्ता, मौसम और मंडी में आवक जैसी परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं. इसलिए किसानों को बुवाई के साथ-साथ बाजार संकेतों पर भी लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़