एक मुट्ठी खाद से खुलेगा राज! ऐसे करें यूरिया-डीएपी की असली और नकली पहचान

खरीफ सीजन में बढ़ती खाद की मांग के बीच नकली उर्वरकों का खतरा भी बढ़ गया है. किसान घर बैठे आसान तरीकों से यूरिया, डीएपी और अन्य खाद की गुणवत्ता जांच सकते हैं. इन उपायों से फसल नुकसान और आर्थिक हानि से बचा जा सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 20 Jul, 2026 | 11:30 PM

खरीफ सीजन में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही बाजार में नकली और मिलावटी उर्वरकों की बिक्री का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है. नकली खाद का उपयोग करने से फसलों की बढ़वार प्रभावित होती है, उत्पादन घटता है और मिट्टी की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ता है. कृषि मंत्रालय के अनुसार, किसान कुछ आसान तरीकों से घर पर ही यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की गुणवत्ता की प्राथमिक जांच कर सकते हैं और नकली खाद से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं.

ऐसे करें असली यूरिया की पहचान

कृषि मंत्रालय के अनुसार, असली यूरिया के दाने  सफेद, चमकदार और मोती की तरह गोल दिखाई देते हैं. इसकी पहचान के लिए किसान हथेली पर थोड़ी मात्रा में यूरिया लेकर मुट्ठी बंद करें और फिर फूंक मारें. यदि खाद हल्की नमी का एहसास कराए तो यह असली होने का संकेत हो सकता है. इसके अलावा तवे पर गर्म करने पर यूरिया पिघलने लगता है और तेज आंच मिलने पर अमोनिया जैसी तीखी गंध निकलती है. पानी में डालने पर यह पूरी तरह घुल जाता है तथा घोल को छूने पर ठंडक महसूस होती है.

डीएपी, सुपर फॉस्फेट और एनपीके की जांच ऐसे करें

कृषि मंत्रालय के अनुसार, डीएपी के दाने कठोर होते हैं और सामान्य रूप से भूरे, काले या बादामी रंग के दिखाई देते हैं. इन्हें नाखून से तोड़ना आसान नहीं होता. यदि डीएपी  के दानों को चूने के साथ रगड़ने पर तीखी गंध आए तो यह उसकी शुद्धता का संकेत माना जाता है. दूसरी ओर सुपर फॉस्फेट अपेक्षाकृत नरम होता है और नाखून से आसानी से टूट सकता है. वहीं एनपीके उर्वरक के दानों को गर्म करने पर वे मुरमुरे की तरह फूलने लगते हैं, जिससे उसकी प्राथमिक पहचान की जा सकती है.

पोटाश और जिंक सल्फेट की भी करें जांच

म्यूरेट ऑफ पोटाश सफेद या ईंट जैसे रंग का होता है और इसका स्वरूप नमक या मिर्च पाउडर  जैसा दिखाई देता है. पानी में घोलने पर इसका लाल भाग ऊपर तैरने लगता है. वहीं जिंक सल्फेट की पहचान के लिए डीएपी के घोल में इसे मिलाया जा सकता है. यदि मिश्रण में थक्केदार अवशेष नीचे बैठ जाए तो इसे शुद्ध जिंक सल्फेट का संकेत माना जाता है. इन आसान परीक्षणों से किसान खाद की गुणवत्ता का प्राथमिक आकलन कर सकते हैं.

संदेह होने पर तुरंत कृषि विभाग को दें सूचना

कृषि मंत्रालय ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक हमेशा अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और खरीद की रसीद अवश्य लें. यदि किसी खाद की गुणवत्ता पर संदेह हो या नकली उर्वरक बेचने की आशंका हो तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित कृषि विभाग के अधिकारियों को दें. समय पर शिकायत करने से न केवल किसानों की फसल सुरक्षित रहेगी, बल्कि नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव होगी. जागरूकता और सतर्कता ही किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है.

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Published: 20 Jul, 2026 | 11:30 PM

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