जनवरी में टमाटर की खेती से बढ़ाएं मुनाफा, फल फटने से बचाने के आसान और असरदार उपाय
जनवरी की ठंड में टमाटर की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा बन सकती है. फल फटने की समस्या अक्सर नुकसान पहुंचाती है. सही मिट्टी, संतुलित पोषक तत्व और नियमित सिंचाई से टमाटर सुरक्षित रहते हैं. सरल उपाय अपनाकर किसानों की फसल चमकदार और बाजार में उच्च कीमत वाली बन सकती है.
Tomato Farming : जनवरी की ठंड में टमाटर की खेती किसानों के लिए कमाई का अच्छा मौका बन सकती है. इस मौसम में बाजार में टमाटर की मांग बनी रहती है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियों के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है. खासकर फल फटने की समस्या किसानों की सबसे बड़ी चिंता बन जाती है. फल फटते ही टमाटर की गुणवत्ता गिर जाती है और बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर खेती के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.
फल फटने से क्यों गिरता है टमाटर का भाव
टमाटर के फल फटने का सीधा असर उसकी बिक्री पर पड़ता है. फटा हुआ टमाटर न तो ज्यादा समय तक टिकता है और न ही ग्राहक उसे पसंद करते हैं. ऐसे में व्यापारी कम कीमत लगाते हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह समस्या अक्सर तब होती है जब मिट्टी संतुलित नहीं होती या फसल को सही पोषण नहीं मिल पाता. कई किसान ऊसर या कमजोर मिट्टी में टमाटर की रोपाई कर देते हैं, जिससे फल बाहर से तो अच्छे दिखते हैं, लेकिन पकते समय फटने लगते हैं.
पोषक तत्वों की कमी बनती है बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर में फल फटने की एक बड़ी वजह मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है. खासतौर पर बोरान की कमी से यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. जब खेत में लंबे समय तक नमी कम रहती है और फिर अचानक ज्यादा सिंचाई या बारिश हो जाती है, तो फल की बाहरी परत तेजी से नहीं फैल पाती और फल फट जाता है. इसलिए पोषण और नमी का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है.
सिंचाई और मिट्टी पर रखें खास ध्यान
टमाटर की खेती में सही मिट्टी का चयन बहुत अहम होता है. उपजाऊ और संतुलित मिट्टी में उगाई गई फसल ज्यादा सुरक्षित रहती है. किसानों को चाहिए कि खेत में नमी का स्तर हमेशा समान बनाए रखें. लंबे समय तक खेत को सूखा न छोड़ें और न ही अचानक ज्यादा पानी दें. नियमित और नियंत्रित सिंचाई से पौधों को झटका नहीं लगता और फल सुरक्षित रहते हैं. इससे उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता भी बनी रहती है.
बंपर पैदावार के लिए अपनाएं आसान उपाय
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर में फल फटने की समस्या से बचने के लिए बोरान की कमी को पूरा करना जरूरी है. किसान प्रति हेक्टेयर तय मात्रा में बोरान का प्रयोग कर सकते हैं. इसके अलावा, फल आने की अवस्था में बोरेक्स के घोल का 2 से 3 बार छिड़काव करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं. इससे टमाटर का आकार सुधरता है, चमक बढ़ती है और फल ज्यादा समय तक सुरक्षित रहता है. सही देखभाल और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान जनवरी की ठंड में भी टमाटर की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.