गन्ना किसानों की बढ़ेगी कमाई, इंडियन पोटाश लिमिटेड ने UPL से मिलाया हाथ.. उत्पादन में होगा इजाफा

गुजरात में गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय सुधारने के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) और यूपीएल (UPL) ने तीन साल का समझौता किया है. कोडिनार शुगर मिल क्षेत्र के 2,000 एकड़ में आधुनिक कृषि तकनीक, डिजिटल निगरानी और रेजेनरेटिव फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य गन्ने की पैदावार बढ़ाना और खेती को अधिक टिकाऊ बनाना है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 4 Jul, 2026 | 05:53 PM

Sugarcane Cultivation: गुजरात में गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय सुधारने के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) और कृषि रसायन कंपनी यूपीएल लिमिटेड (UPL) ने तीन साल के सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. यह पहल गुजरात स्थित आईपीएल की कोडिनार चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में लागू की जाएगी. कंपनी के अनुसार, इस साझेदारी के तहत करीब 2,000 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने पर काम किया जाएगा. इसके लिए आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल सुरक्षा उपायों, पोषण प्रबंधन, डिजिटल तकनीक और किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य गन्ना उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय और खेती की स्थिरता में सुधार करना है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते के तहत यूपीएल की सहयोगी कंपनी यूपीएल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस (UPL SAS) एक विशेष कार्यक्रम अधिकारी नियुक्त करेगी, जो खेत स्तर पर परियोजना के क्रियान्वयन और किसानों से सीधे जुड़कर गतिविधियों का संचालन करेगा. इस पहल के तहत बीज, मिट्टी, पानी,  उर्वरकों के उपयोग और फसल अवशेष प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कृषि संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा. इसका उद्देश्य गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के साथ खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाना है.

किसानों की बढ़ेगी इनकम

इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) के मुख्य कृषि वैज्ञानिक यू.एस. तेवतिया ने कहा कि कंपनी आधुनिक और टिकाऊ कृषि समाधान उपलब्ध कराकर किसानों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि यह साझेदारी किसानों की आय बढ़ाने और गन्ना उत्पादन में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. यू.एस. तेवतिया ने कहा कि यूपीएल के साथ यह साझेदारी किसानों से जुड़ाव को मजबूत करने, गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने और कोडिनार चीनी मिल के दीर्घकालिक विकास में मदद करेगी.

गन्ना की पैदावार में होगी बढ़ोतरी

उनका कहना है कि वैज्ञानिक खेती, डिजिटल निगरानी और पुनर्योजी (रेजेनरेटिव) कृषि पद्धतियों के इस्तेमाल से गन्ने की पैदावार बढ़ाई जा सकती है. साथ ही पानी और मिट्टी जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाने में भी मदद करेगी. इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) देश की प्रमुख उर्वरक आयातक, आपूर्तिकर्ता और वितरक कंपनियों में से एक है. कंपनी उर्वरक कारोबार के अलावा चीनी उत्पादन, कृषि सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में भी काम करती है.

गुजरात में गन्ना का रकबा

बता दें कि गुजरात में करीब 1.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की जाती है. राज्य में गन्ने का उत्पादन मुख्य रूप से दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के तटीय जिलों, जैसे सूरत, तापी, नवसारी, नर्मदा, जूनागढ़ (कोडिनार) और कच्छ में होता है. गन्ना किसानों की फसल को संसाधित करने और चीनी उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य में 17 चीनी मिलें संचालित हैं, जिनमें 15 सहकारी और 2 निजी मिलें शामिल हैं.

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Published: 4 Jul, 2026 | 05:49 PM

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