मूंगफली से चाहिए बंपर पैदावार? बुवाई के समय ये गलती बिल्कुल न करें किसान

मूंगफली की खेती कम समय में अच्छा मुनाफा देती है, लेकिन इसकी सही शुरुआत बेहद जरूरी है. बुवाई के समय खेत की तैयारी और संतुलित पोषण न मिले, तो फसल कमजोर रह जाती है. सही खाद और सल्फर देने से पौधे मजबूत बनते हैं और फलियां पूरी तरह दानों से भर जाती हैं.

नोएडा | Updated On: 1 Jan, 2026 | 09:23 PM

गांवों में जब मूंगफली की फसल खेत में लहलहाती है, तो किसान की आंखों में मुनाफे के सपने भी खिलने लगते हैं. कम समय में तैयार होने वाली यह तिलहन फसल सही तरीके से बोई जाए, तो जबरदस्त पैदावार देती है. लेकिन अगर बुवाई के वक्त थोड़ी भी लापरवाही हो जाए, तो आगे चलकर नुकसान उठाना पड़ सकता है. खासकर खाद और पोषक तत्वों की सही मात्रा न मिलने पर मूंगफली की फलियां अधूरी रह जाती हैं. इसलिए शुरुआत से ही सही ध्यान देना बेहद जरूरी है.

बुवाई के समय की गलती पड़ सकती है भारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मूंगफली की खेती  में बुवाई का समय सबसे अहम माना जाता है. अगर बुवाई के वक्त खेत की तैयारी ठीक न हो या उर्वरकों का संतुलन बिगड़ जाए, तो अंकुरण कमजोर हो जाता है. कमजोर अंकुरण का मतलब है खेत में पौधों की संख्या कम होना. जब पौधे ही कम होंगे, तो आगे चलकर फूल और फलियां भी कम बनेंगी. यही वजह है कि कृषि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अनुमान से नहीं, बल्कि तय मात्रा में ही खाद का इस्तेमाल करें.

संतुलित उर्वरक से मजबूत होगी फसल

मूंगफली की अच्छी शुरुआत के लिए नत्रजन, फास्फोरस और पोटाश  का संतुलन बहुत जरूरी होता है. बुवाई के समय सही मात्रा में इन उर्वरकों के इस्तेमाल से पौधों की शुरुआती बढ़वार अच्छी होती है. मजबूत जड़ें बनती हैं और पौधे तेजी से फैलते हैं. जब पौधा मजबूत होता है, तभी उसमें ज्यादा फूल आते हैं और आगे चलकर फलियां भी अच्छी तरह भरती हैं. शुरुआत में किया गया सही पोषण पूरी फसल की नींव बनता है.

सल्फर की कमी बनती है सबसे बड़ी वजह

कई किसान खाद डालते समय  सल्फर पर ध्यान नहीं देते, जबकि मूंगफली की फसल में इसकी जरूरत सबसे ज्यादा होती है. सल्फर की कमी होने पर पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और बढ़वार रुक जाती है. इसका सीधा असर फलियों के विकास पर पड़ता है. खेत में मूंगफली की फसल कमजोर दिखने लगती है और उत्पादन घट जाता है. यही कारण है कि बुवाई के समय ही सल्फर की पूर्ति करना जरूरी माना जाता है.

सही पोषण से दानों से भरेंगी फलियां

सल्फर की जरूरत पूरी करने के लिए बुवाई के समय  उचित मात्रा में सल्फर देना फायदेमंद रहता है. इससे पत्तियों का रंग गहरा हरा बना रहता है और पौधे स्वस्थ रहते हैं. संतुलित पोषण मिलने पर मूंगफली के पौधों में ज्यादा फूल आते हैं और फलियां पूरी तरह दानों से भर जाती हैं. कृषि जानकारों का कहना है कि अगर शुरुआत में पोषक तत्वों की कमी रह गई, तो बाद में उसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाता है. इसलिए बेहतर यही है कि किसान बुवाई से पहले मिट्टी की जांच कराएं और उसी के अनुसार खाद डालें.

Published: 1 Jan, 2026 | 10:30 PM

Topics: