Mushroom Farming: मशरूम की खेती किसानों के लिए तेजी से मुनाफे वाला व्यवसाय बन रही है. खासकर बटन मशरूम की मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, अच्छी पैदावार के लिए उच्च गुणवत्ता वाला कंपोस्ट तैयार करना सबसे जरूरी होता है. सही कंपोस्ट उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.
अच्छी क्वालिटी का भूसा है सफलता की कुंजी
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली कंपोस्ट तैयार करने के लिए सही सामग्री का चयन बहुत जरूरी होता है. सबसे पहले साफ और सूखा भूसा उपयोग करना चाहिए, क्योंकि खराब या सड़ा हुआ भूसा कंपोस्ट की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है. इसके साथ गेहूं का चोकर मिलाने से पोषक तत्व बढ़ते हैं और जिप्सम डालने से मिट्टी की संरचना बेहतर होती है. इन सभी चीजों को सही अनुपात में मिलाकर कंपोस्ट बनाया जाता है. पूरी प्रक्रिया में सफाई और गुणवत्ता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. शुरुआत से ही अच्छी सामग्री का चयन करने से बेहतर और उपजाऊ कंपोस्ट तैयार होता है.
नमी का संतुलन बनाए रखना जरूरी
कंपोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में सबसे पहले भूसे को अच्छी तरह गीला किया जाता है. इसमें लगभग 65 से 70 प्रतिशत नमी होनी चाहिए. कम या ज्यादा नमी दोनों ही उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं. भूसा गीला होने के बाद उसमें चोकर और अन्य सामग्री मिलाई जाती है. इसके बाद मिश्रण का ढेर बनाकर उसे ढक दिया जाता है ताकि अंदर का तापमान बना रहे और सड़ने की प्रक्रिया सही ढंग से चल सके.
समय-समय पर पलटना न भूलें
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, कंपोस्ट को बेहतर और जल्दी तैयार करने के लिए नियमित देखभाल बहुत जरूरी है. उन्होंने बताया कि कंपोस्ट को हर 3 से 4 दिन में पलटना चाहिए, जिससे अंदर बनने वाली गैस बाहर निकल जाती है और खाद समान रूप से तैयार होती है. पूरी प्रक्रिया में लगभग 8 से 10 बार कंपोस्ट को पलटना फायदेमंद माना जाता है. इससे सड़न सही तरीके से होती है. बीच-बीच में जिप्सम मिलाने से खाद भुरभुरी बनती है और नमी का संतुलन बना रहता है. सही प्रक्रिया अपनाने से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद आसानी से तैयार की जा सकती है.
25 दिन में तैयार होगा बेहतरीन कंपोस्ट
आमतौर पर अच्छा कंपोस्ट तैयार होने में 22 से 25 दिन लगते हैं. जब खाद का रंग गहरा भूरा हो जाए और उसमें मिट्टी जैसी खुशबू आने लगे, तो समझिए कि कंपोस्ट तैयार है. विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से तैयार कंपोस्ट से मशरूम की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं. इसलिए किसानों को पूरी प्रक्रिया सावधानी से अपनानी चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा मुनाफा हासिल किया जा सके.