Machan Farming: क्या आप भी हर सीजन में खेत की तैयारी, जुताई और नई लागत के बोझ से परेशान रहते हैं? अगर हां, तो अब पुराने ढर्रे को छोड़िए और हवाई खेती यानी मचान विधि (Trellis Method) को अपनाइए. यह खेती का वो स्मार्ट तरीका है जहां जमीन कम भी हो, तो आप आसमान की ओर अपनी फसल उगाकर मुट्ठी भर मुनाफा कमा सकते हैं. मचान विधि का सबसे बड़ा जादू यह है कि आपको पैसा और मेहनत सिर्फ एक बार लगानी है, और उसके बाद आने वाले चार सीजन तक आप बस बैठकर अपनी फसल काटेंगे और कमाई करेंगे. आइए जानते हैं कि कैसे यह मचान आपकी किस्मत बदल सकता है.
एक बार की मेहनत, चार बार की चांदी
मचान विधि का सबसे बड़ा फायदा इसकी लॉन्ग टर्म प्लानिंग है. अक्सर किसान हर नई फसल के लिए बांस, तार और जाल बिछाने का खर्च करते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप पहली बार में ही थोड़ा पैसा खर्च करके एक मजबूत और टिकाऊ मचान खड़ा कर देते हैं, तो यह ढांचा कम से कम दो साल तक आराम से चलता है. इसमें आप बारी-बारी से कद्दू, लौकी, तरोई, करेला और खीरा जैसी सब्जियां उगा सकते हैं. यानी बार-बार सामान खरीदने और मजदूरी लगाने की टेंशन खत्म!
जमीन खाली, ऊपर लटकेंगी सब्जियां
मचान विधि में फसलें जमीन पर फैलने के बजाय तारों के सहारे ऊपर की ओर बढ़ती हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपकी जमीन का फर्श खाली रहता है. खाली जमीन पर आप मिर्च, धनिया या अदरक जैसी छोटी फसलें उगाकर डबल कमाई कर सकते हैं. इसके साथ ही, फल हवा में लटकते हैं, जिससे उन्हें पूरी धूप और हवा मिलती है. इससे सब्जियों का रंग चटक होता है, साइज एक जैसा रहता है और वे दिखने में इतनी खूबसूरत होती हैं कि बाजार में उन्हें देखते ही ग्राहक टूट पड़ते हैं.
सड़ने का डर खत्म, कीड़ों की छुट्टी
जमीन पर फैलने वाली बेलों में सबसे बड़ी समस्या होती है मिट्टी की नमी से फलों का सड़ना और कीड़ों का हमला. अक्सर भारी बारिश में आधी फसल सड़कर बर्बाद हो जाती है. लेकिन मचान पर लटकते फलों का मिट्टी से कोई संपर्क नहीं होता, जिससे सड़ने की समस्या 90 फीसदी तक कम हो जाती है. हवा में होने के कारण पौधों में बीमारियां कम लगती हैं और दवाइयों का छिड़काव करना भी बहुत आसान हो जाता है. यानी कम दवा, कम नुकसान और शुद्ध मुनाफा!
बंपर पैदावार और तुड़ाई में आसानी
जब फसल व्यवस्थित तरीके से मचान पर होती है, तो उसे तोड़ना बहुत आसान हो जाता है. मजदूरों को झुककर घंटों मेहनत नहीं करनी पड़ती, जिससे काम जल्दी होता है. आंकड़े बताते हैं कि साधारण खेती के मुकाबले मचान विधि से पैदावार 30 से 40 फीसदी तक बढ़ जाती है. मजबूत ढांचा होने के कारण तेज हवा या बारिश भी फसल का कुछ नहीं बिगाड़ पाती. कुल मिलाकर कहें तो यह विधि उन किसानों के लिए लकी चार्म है जो कम लागत में अमीर बनना चाहते हैं.